मोदी कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट, इस बार नौकरशाहों को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
Modi cabinet Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार मंत्रिमंडल में अनुभवी सेवानिवृत्त नौकरशाहों को बड़ी भूमिका मिल सकती है। सरकार का फोकस ‘परफॉर्मेंस’ और ‘लॉयल्टी’ पर है जो अधिकारी इन मानकों पर खरे उतरे, उन्हें जल्दी किनारे नहीं किया जाता।
किन नामों की चर्चा तेज
सूत्र बताते हैं कि फिलहाल शक्तिकांत दास और तपन डेका जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। इनके अलावा भी कुछ अनुभवी अफसरों को अहम जिम्मेदारियां दिए जाने की अटकलें हैं। मोदी सरकार में सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेवा विस्तार या नई भूमिका मिलना अब अपवाद नहीं, बल्कि व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। इससे नीतिगत निरंतरता बनी रहती है और बड़े सुधारों को गति मिलती है।
सरकार को क्या फायदा
सरकार का मानना है कि दशकों का प्रशासनिक अनुभव, जटिल नीतियों की समझ और संस्थागत स्मृति का संरक्षण संकट के समय बेहद काम आता है। इसी कारण फाइल निस्तारण, प्रोजेक्ट डिलीवरी, खर्च प्रबंधन और शिकायत निवारण जैसे पैमानों पर अफसरों का प्रदर्शन स्कोरकार्ड से आंका जाता है। हालांकि, आलोचक कहते हैं कि अधिक सेवा विस्तार से युवा अधिकारियों की पदोन्नति के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
दुनिया में भी अपनाया जा रहा मॉडल
यह मॉडल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों में भी सेवानिवृत्त अधिकारियों को नीति निर्माण और नेतृत्व की भूमिकाएं दी जाती रही हैं। कुल मिलाकर संकेत साफ हैं मोदी सरकार अनुभव, भरोसे और नतीजों के आधार पर फैसले ले रही है। आने वाले दिनों में कैबिनेट विस्तार की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

