अविमुक्तेश्वरानंद की शरण में फिर पहुंचे अखिलेश यादव, बोले- BJP ने अयोध्या में तोड़ी मर्यादा

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार सुबह उस वक्त सियासी सरगर्मी बढ़ गई, जब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सुबह 8 बजे राजधानी लखनऊ के जगन लाल यादव गेस्ट हाउस पहुंचकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। करीब आधे घंटे तक चली इस आध्यात्मिक और राजनीतिक मुलाकात के दौरान अखिलेश जमीन पर बैठे नजर आए। मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि शंकराचार्यजी गोमाता की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं और वे ऐसा मार्ग तलाश रहे हैं जिससे गाय को राष्ट्रीय सम्मान (राष्ट्रमाता का दर्जा) मिल सके। आपको बता दें कि शंकराचार्य गोमाता के सम्मान में 81 दिनों की ‘गविधि यात्रा’ पर हैं और इसी सिलसिले में लखनऊ पहुंचे हैं।

शंकराचार्य का बड़ा बयान, नया मुख्यमंत्री आने पर होगी कड़ी कार्रवाई

मुलाकात के दौरान मंदिर में हुई कथित गड़बड़ियों और घोटालों का मुद्दा भी गरमाया। बातचीत में शंकराचार्य ने अखिलेश से कहा कि मंदिर परिसर में बड़ा घोटाला हुआ है। जब उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्रवाई पर बात की, तो शंकराचार्य का एक दिलचस्प बयान सामने आया जिसमें उन्होंने कहा, मुख्यमंत्रीजी कह रहे हैं कि कार्रवाई होगी, लेकिन असली और तगड़ी कार्रवाई तब होगी जब प्रदेश में नया मुख्यमंत्री आएगा। शंकराचार्य ने यह भी साझा किया कि पूरे राज्य से मिले फीडबैक के अनुसार जनता गाय को माता मानती है, जबकि सरकारी दस्तावेजों में उसे महज एक पशु का दर्जा प्राप्त है। पिछले चार महीनों में अखिलेश और शंकराचार्य की यह दूसरी बड़ी मुलाकात है।

अखिलेश यादव के तीखे हमले

सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की नीतियां और विचार सिर्फ चुनाव और वोटों के हिसाब से बदलते हैं। उनके लिए धर्म आस्था का विषय नहीं, बल्कि धन कमाना प्राथमिकता बन चुका है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि दुनिया भर के सनातनी इस समय चिंता में हैं क्योंकि भाजपा ने अपने निजी और राजनीतिक स्वार्थ के चलते अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन मर्यादा को भी मरोड़कर रख दिया है।

मंदिर कर्मियों की CDR निकली तो मचेगी भगदड़

अयोध्या मामले पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने मांग की कि मंदिर परिसर में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सार्वजनिक की जाए। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा हुआ तो 99% लोग भाजपा से जुड़े निकलेंगे और उसके बाद भगदड़ मच जाएगी। सपा प्रमुख ने SIT जांच को महज एक ‘लीपापोती’ करार देते हुए कहा कि जांच दल के एक सदस्य पर खुद धोखाधड़ी (धारा 420) का केस दर्ज है। यह असल में दिल्ली और लखनऊ के बीच की बड़ी आंतरिक लड़ाई है।

ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष पर हो रहा एक्शन

अखिलेश यादव ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी सरकार घिरती है, तो दिल्ली के इशारे पर ED, CBI और IT की रेड शुरू हो जाती है। जनता का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाने के लिए समाजवादी पार्टी के विधायकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की भाषा शैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि जौनपुर के पीड़ित परिवार के साथ मुख्यमंत्री का व्यवहार कैमरे पर ही जब ऐसा था, तो कैमरे के पीछे कैसा होता होगा। उन्होंने भाजपा को याद दिलाया कि आज वे सत्ता में हैं, कल विपक्ष में भी बैठना पड़ सकता है।

राम जन्मभूमि ट्रस्ट में नए पदों और बदलावों के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि केवल सांचा बदलने से कुछ नहीं होगा, पूरा ढांचा बदलना जरूरी है। इथेनॉल ब्लेंडिंग को भाजपा का नया भ्रष्टाचार बताते हुए उन्होंने ऑटोमोबाइल कंपनियों के वैज्ञानिक तर्कों की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री के आगामी 10 जुलाई के अयोध्या दौरे पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, मुख्यमंत्री इतनी बार अयोध्या जा चुके हैं, लेकिन फिर भी वहां की चोरी नहीं पकड़ पाए। अब उनके वहां जाने से क्या फर्क पड़ेगा, सुना है कि अब तो वहां जेबकतरे भी सक्रिय हो गए हैं।

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