Lucknow News: प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में 1 लाख का इनामी शूटर सचिन गिरफ्तार

Lucknow News: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल और लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी सचिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई 0.32 बोर की अवैध पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल और 2200 रुपये नगद बरामद किए हैं।

किसान पथ के पास संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर दबोचा

एसटीएफ से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह गिरफ्तारी 8 जुलाई की रात करीब 11:15 बजे थाना पीजीआई क्षेत्र के अंतर्गत किसान पथ ओवरब्रिज के नीचे डलौना के पास से की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में लगातार इस मामले में खुफिया इनपुट जुटाए जा रहे थे। बुधवार को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि फरार आरोपी सचिन किसी से मिलने के लिए डलौना आने वाला है। इस पर एसटीएफ और पीजीआई थाने की पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर उसे धर दबोचा।

पूछताछ के दौरान आरोपी सचिन कुमार निवासी मुबारकपुर, आंबेडकरनगर ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है। सचिन ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या मुख्य रूप से दिनेश यादव नाम के व्यक्ति ने अपनी पुरानी रंजिश के चलते करवाई थी। दिनेश के ड्राइवर मुकर्रबीन ने खान मुबारक गैंग के संपर्क में रहने वाले गंगाराम यादव के जरिए शूटरों का इंतजाम किया था। दिनेश यादव ने मुख्य शूटर संजय उर्फ संजीव को एक लाख रुपये एडवांस दिए थे और अयोध्या के हिस्ट्रीशीटर दिलीप वर्मा ने हथियार मुहैया कराए थे। सचिन को इस काम के लिए 2 लाख रुपये मिलने वाले थे।

रैकी करने के लिए दिनेश यादव से मिले पैसों से इन्होंने अमीनाबाद से सफेद रंग की अपाचे बाइक खरीदी। इसके बाद 27 मई 2026 को मौका पाकर दीनदयाल पार्क के पास से संदीप की गाड़ी का पीछा किया गया। जैसे ही संदीप सिंह अपने ऑफिस के बाहर उतरे, सचिन ने बाइक रोकी और पीछे बैठे संजय ने संदीप के सीने व सिर में ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

कोर्ट में सरेंडर की फिराक में था सचिन

सचिन ने बताया कि वारदात के बाद वह पुलिस से बचने के लिए आंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, आजमगढ़ और मुंबई जैसे शहरों में छिपता फिर रहा था। बीते 27 जून, 2026 को जब उसका साथी मुख्य शूटर संजय पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, तो वह बुरी तरह डर गया और कोर्ट में सरेंडर करने के लिए वकील की तलाश में लखनऊ आया था, लेकिन एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने देवी सिंह खेड़ा गांव के पास जमीन में छिपाकर रखी गई हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ थाना पीजीआई में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Also Read: मेलबर्न में पीएम मोदी का भव्य राजकीय स्वागत, भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में व्यापारिक दिग्गजों को किया संबोधित

Get real time updates directly on you device, subscribe now.