BSNL का Satellite Phone लॉन्च, बिना नेटवर्क होगा कॉल और SMS, जानें कौन कर सकेगा इस्तेमाल?

BSNL Satellite Phone Launch: BSNL ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए नया सेटेलाइट फोन लॉन्च किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फोन उन इलाकों में भी काम करेगा, जहां मोबाइल नेटवर्क बिल्कुल नहीं पहुंचता। यानी प्राकृतिक आपदा, पहाड़ी क्षेत्रों, समुद्र या दूर-दराज़ के इलाकों में भी इससे कॉल और SMS किए जा सकेंगे।

कंपनी के मुताबिक, यह फोन सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़ता है, इसलिए इसे मोबाइल टावर की जरूरत नहीं पड़ती। BSNL ने इसे “Communication Beyond Boundaries” थीम के साथ पेश किया है। कंपनी का कहना है कि यह डिवाइस खासतौर पर मुश्किल परिस्थितियों में भरोसेमंद संचार उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है।

क्या हैं BSNL Satellite Phone की खास बातें?

  • बिना मोबाइल नेटवर्क के भी Voice Call और SMS की सुविधा।
  • सीधे Satellite Network से कनेक्ट होकर काम करेगा।
  • दूर-दराज़, पहाड़ी, समुद्री और आपदा प्रभावित इलाकों में भी उपयोगी।
  • मजबूत डिजाइन, जो धूल, पानी और कठिन परिस्थितियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • डिफेंस और इमरजेंसी ऑपरेशन जैसी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया।

BSNL Satellite Phone: कौन कर सकेगा इस्तेमाल?

BSNL ने स्पष्ट किया है कि यह फोन फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए नहीं है। इसे मुख्य रूप से डिफेंस, समुद्री सेवाओं, आपदा राहत एजेंसियों, माइनिंग सेक्टर, दूरस्थ क्षेत्रों में काम करने वाली संस्थाओं और एडवेंचर ऑपरेशन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता।

BSNL Satellite Phone की Price

BSNL के सैटेलाइट फोन की कीमत 1,34,166 रुपये (सभी टैक्स सहित) रखी गई है।

पोस्टपेड प्लान सरकारी और कमर्शियल संस्थाओं के लिए उपलब्ध होंगे:

  • ₹3,500 प्रति माह – 16 मिनट फ्री टॉक टाइम/SMS
  • ₹5,835 प्रति माह – 30 मिनट फ्री टॉक टाइम/SMS
  • ₹11,670 प्रति माह – 60 मिनट फ्री टॉक टाइम/SMS

प्रीपेड प्लान में सरकारी संस्थाओं को ₹3,500 प्रति माह में 20 मिनट और ₹38,500 प्रति वर्ष में 240 मिनट का फ्री टॉक टाइम मिलेगा। वहीं, कमर्शियल संस्थाओं के लिए ₹5,835 प्रति माह में 30 मिनट और ₹64,185 प्रति वर्ष में 360 मिनट का फ्री टॉक टाइम उपलब्ध कराया जाएगा।

BSNL का कहना है कि यह पहल ऐसे क्षेत्रों में संचार व्यवस्था को मजबूत बनाएगी, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क अक्सर विफल हो जाता है। ऐसे में आपदा प्रबंधन, सुरक्षा एजेंसियों और दूरस्थ इलाकों में काम करने वाले संगठनों के लिए यह सैटेलाइट फोन एक अहम विकल्प साबित हो सकता है।

Also Read: 6G से पहले 5.5G की होगी एंट्री! मिलेगी बिजली जैसी स्पीड, जानिए कैसा होगा एक्टिव?

Get real time updates directly on you device, subscribe now.