घूमिए भी, खाइए भी! Lucknow में शुरू होने जा रहे हैं Double Decker Food Truck
lucknow Double Decker Food Truck: उत्तर प्रदेश में पर्यटन को नया आयाम देने की तैयारी शुरू हो गई है। अब पर्यटक सिर्फ ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यंजनों का भी एक अलग अंदाज में आनंद ले सकेंगे। पर्यटन विभाग जल्द ही अत्याधुनिक डबल डेकर फूड ट्रक शुरू करने जा रहा है, जहां स्वाद, तकनीक, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।
इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को साफ-सुथरा, गुणवत्तापूर्ण और ताजा भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान देना है। विभाग का मानना है कि इससे प्रदेश का पर्यटन अनुभव पहले से अधिक आकर्षक और यादगार बनेगा।
पहले चरण में लखनऊ से होगी शुरुआत
Double Decker Food Truck का संचालन उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) करेगा। इसके लिए निविदाएं भी आमंत्रित कर दी गई हैं।
पहले चरण में इन फूड ट्रकों को लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान (जू) और डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में शुरू किया जाएगा। इसके बाद पर्यटकों की मांग और प्रतिक्रिया के आधार पर इन्हें प्रदेश के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक विस्तार दिया जाएगा।
सिर्फ खाना नहीं, मिलेगा अलग अनुभव
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यूनेस्को से लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी‘ का दर्जा मिलने के बाद प्रदेश के स्थानीय व्यंजनों को दुनिया तक पहुंचाने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
इसी सोच के तहत फूड ट्रकों के मेन्यू में प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन‘ की अवधारणा के जरिए अलग-अलग जिलों के प्रसिद्ध व्यंजन भी पर्यटकों तक पहुंचाए जाएंगे, ताकि उन्हें एक ही जगह पर उत्तर प्रदेश के विविध स्वादों का अनुभव मिल सके।
Double Decker Food Truck में क्या होगा खास?
फूड ट्रकों की डिजाइनिंग, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी के पास होगी। इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
इनकी प्रमुख विशेषताएं:
- डबल डेकर और पूरी तरह मोटर चालित आधुनिक फूड ट्रक।
- डिजिटल मेन्यू और आधुनिक ऑर्डरिंग सुविधा।
- ताजा, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन पर विशेष जोर।
- पत्तल, बांस और मिट्टी के बर्तनों जैसी इको-फ्रेंडली पैकेजिंग।
- सभी वैधानिक सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन।
पर्यटन विभाग का मानना है कि यह पहल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय खानपान, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को भी नई पहचान देगी।
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