ईसाई समुदाय पर हमलों को लेकर संजय सिंह का केंद्र पर हमला, PM मोदी से की 5 बड़ी मांगें
Lucknow: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने देश के विभिन्न हिस्सों में ईसाई समुदाय और उनके प्रार्थना स्थलों पर कथित रूप से बढ़ते हमलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
संजय सिंह ने अपने पत्र में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली में सामने आई हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इन घटनाओं की सार्वजनिक रूप से निंदा करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
‘प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल’
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और अब पश्चिम बंगाल में ईसाई समुदाय के लोगों और चर्चों पर लगातार हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन घटनाओं में शामिल तत्वों को सरकार का मौन समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संवैधानिक दायित्व है कि वे हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करें, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “देश को प्रधानमंत्री से चुप्पी नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण और ठोस कार्रवाई की अपेक्षा है।”
रायबरेली और सोनारपुर की घटनाओं का किया जिक्र
अपने पत्र में संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली और पश्चिम बंगाल के सोनारपुर की घटनाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस कार्रवाई हमलावरों के बजाय पीड़ितों के खिलाफ होती दिखाई दे रही है।
उनका दावा है कि कुछ मामलों में पादरियों और श्रद्धालुओं पर धर्मांतरण विरोधी कानूनों के तहत मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि हमले के आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण विरोधी कानूनों का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार के सामने रखीं ये प्रमुख मांगें
संजय सिंह ने संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन, प्रचार और प्रसार करने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने केंद्र सरकार से कई मांगें भी रखीं।
- ईसाई समुदाय पर हुए सभी कथित हमलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।
- सभी दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पीड़ितों और चर्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- धर्मांतरण विरोधी कानूनों के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
- धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
संजय सिंह ने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सभी समुदायों का संविधान और कानून के शासन पर भरोसा कायम रहे।

