सोनम वांगचुक की हालत ‘क्रिटिकल’, डॉक्टरों ने दी चेतावनी, बोले- अगला स्टेज बेहद खतरनाक
Sonam Wangchuk condition is critical: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। उनकी मेडिकल टीम ने बताया है कि अब उनका स्वास्थ्य ‘क्रिटिकल स्टेज’ में पहुंच चुका है। डॉक्टरों के मुताबिक, यदि अनशन इसी तरह जारी रहा तो इसका असर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है।
वांगचुक की बिगड़ती हालत को देखते हुए विपक्षी नेताओं, सामाजिक संगठनों, कलाकारों और कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि जब तक सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती, तब तक वह अपना सत्याग्रह जारी रखेंगे।
डॉक्टरों की चेतावनी
मेडिकल टीम के प्रमुख डॉ. सतीश लांबा के अनुसार, अनशन शुरू होने के बाद से अब तक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का वजन 9 किलो से ज्यादा घट चुका है और उनका मौजूदा वजन 56.9 किलोग्राम रह गया है। उनकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
डॉ. लांबा ने बताया कि लंबे समय तक भोजन न मिलने पर शरीर पहले ग्लूकोज का उपयोग करता है, फिर ऊर्जा के लिए शरीर में जमा फैट को खर्च करता है। अब यह चरण भी लगभग समाप्त हो चुका है और शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को तोड़ना शुरू कर चुका है।
डॉक्टर ने बताया:
- शरीर में कीटोन का स्तर 3+ तक पहुंच गया था, जो पर्याप्त पानी मिलने के बाद 2+ हुआ।
- यूरिक एसिड का स्तर भी बढ़ा हुआ है।
- यह संकेत है कि शरीर अब मांसपेशियों को ऊर्जा के स्रोत के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
- यदि यही स्थिति बनी रही तो अगला असर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ सकता है।
डॉ. लांबा ने कहा कि अगला चरण बेहद चिंताजनक हो सकता है और स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
हाईकोर्ट ने भी जताई चिंता
सोनम वांगचुक की गिरती सेहत का मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि हर नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और सरकार का दायित्व है कि उसे आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।
हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वांगचुक (Sonam Wangchuk) की रोजाना मेडिकल जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जाए। सुनवाई के दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी नियमित स्वास्थ्य जांच पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
अनशन खत्म करने से इनकार

स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि फिलहाल उनकी ईसीजी समेत अन्य मेडिकल रिपोर्ट सामान्य हैं। उन्होंने माना कि कमजोरी बढ़ रही है और मांसपेशियां प्रभावित हो रही हैं, लेकिन उनके दिल और शरीर के प्रमुख अंग अभी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सार्थक बातचीत शुरू होने तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा।
वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे उनका अनशन खत्म कराने की मांग करने के बजाय 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘जंतर-मंतर से संसद मार्च’ को सफल बनाने पर ध्यान दें। उनके संगठन का दावा है कि अब तक करीब 1.5 लाख लोग इस मार्च में शामिल होने की सहमति दे चुके हैं।
Sonam Wangchuk क्यों कर रहे हैं अनशन?
सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और कथित परीक्षा अनियमितताओं, खासकर NEET पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा हैं। उनका कहना है कि सरकार जब तक बातचीत शुरू नहीं करती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
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