सीरिया से ओमान तक अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने किए ताबड़तोड़ मिसाइल हमले
Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार को एक आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि उसने अमेरिकी हमलों का करारा जवाब देते हुए सीरिया में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन कमांड सेंटर, कुवैत में हथियारों के विशाल डिपो और ओमान में अमेरिकी रडार साइटों पर भीषण जवाबी हमले किए हैं।
सीरिया का अमेरिकी कमांड सेंटर ध्वस्त
ईरानी सेना के अनुसार, ये विनाशकारी हमले उनके विशेष सैन्य अभियान ऑपरेशन नस्र-2 की 11वीं, 12वीं और 13वीं लहर के तहत किए गए हैं। इनमें से 11वें दौर का हमला ईरानशहर के बामपुर क्षेत्र में शहीद हुए ईरानी सैनिकों की याद को समर्पित था। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान ईरानी जांबाजों ने सीरिया के अल-तनफ (Al-Tanf) इलाके में स्थित अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के मुख्य सैन्य कमान केंद्र को निशाना बनाकर अचानक हमला किया और उसे पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया।
कुवैत के अमेरिकी बेस पर लगी भीषण आग
आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने एक अलग सैन्य बयान जारी कर दावा किया है कि कुवैत में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले एक महत्वपूर्ण बेस पर ईरानी मिसाइलें कहर बनकर टूटीं। इस हमले में अमेरिकी सेना का एक मिसाइल डिफेंस सर्विलांस रडार, हथियारों और मिसाइलों के कई डिपो और दो अत्याधुनिक हिमार्स लॉन्चर पूरी तरह नष्ट हो गए। मिसाइलें इतनी सटीक बैठीं कि पूरे सैन्य ठिकाने पर भीषण आग लग गई, जिसे दूर-दूर से देखा जा सकता था।
इसके तुरंत बाद आईआरजीसी ने एक और बयान जारी कर बताया कि उसकी सेनाओं ने ओमान के सलमाह पठार पर स्थित अमेरिकी नौसैनिक निगरानी रडार और ओमान के ही घनम क्षेत्र में सक्रिय अमेरिकी हवाई निगरानी रडार को भी मिसाइल हमलों से पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
कुवैत में एयर डिफेंस सिस्टम ने संभाला मोर्चा
इस भीषण हमले के बाद कुवैत की सेना भी तुरंत हाई अलर्ट पर आ गई है। कुवैती सेना ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन (ईरानी) मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने के लिए लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
कुवैत आर्मी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर देशवासियों के लिए एक आपातकालीन संदेश जारी करते हुए लिखा, ईरान के इस घातक हमले के बाद हमारा एयर डिफेंस लगातार दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों का मुकाबला कर रहा है। यदि आपको धमाकों की तेज आवाजें सुनाई दें, तो घबराएं नहीं, वे हमारे डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के हमलों को हवा में नष्ट करने की आवाजें हैं। सेना ने सभी नागरिकों से बंकरों में रहने और सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को भी आईआरजीसी ने जॉर्डन और बहरीन में स्थित अमेरिकी बेस पर भीषण हमला बोला था। उस दौरान जॉर्डन के अल-अजराक में अमेरिकी एयरबेस पर तैनात अमेरिका के सबसे घातक F-15, F-16 और पांचवीं पीढ़ी के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स के एयर शेल्टर्स को निशाना बनाया गया था। इसके साथ ही वहां बड़ी संख्या में मौजूद ‘MQ-9’ रीपर ड्रोनों और कमांड सेंटरों को भी भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई थी। ईरान की इस जवाबी कार्रवाई से स्पष्ट है कि पूरा खाड़ी क्षेत्र अब एक बड़े युद्ध की मुहाने पर खड़ा है।
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