इन 3 शर्तों के साथ अनशन खत्म करने को तैयार हुए वांगचुक, क्या सरकार मानेगी सोनम की शर्त?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने संकेत दिया है कि वह अपना अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि ऐसा तभी होगा, जब केंद्र सरकार उनकी एक अहम मांग पर स्पष्ट और बिना शर्त आश्वासन देगी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद वांगचुक ने उन्हें एक पत्र लिखकर अपनी बात रखी है।
वांगचुक ने पत्र में दोनों केंद्रीय मंत्रियों का अस्पताल पहुंचकर हालचाल जानने और अनशन समाप्त करने की अपील करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान सरकार की ओर से उनकी कुछ मांगों पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया गया है।
सरकार के सामने रखीं ये अहम मांगें
Sonam Wangchuk ने कहा कि पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए संसद में गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने 20 जुलाई को हुए ‘चलो संसद’ मार्च का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस के कथित बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उनके मुताबिक, देश और दुनिया ने देखा कि प्रदर्शनकारी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे।
‘प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए’
वांगचुक ने सरकार से सबसे बड़ी मांग यह रखी कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन युवाओं का केवल इतना ही ‘अपराध’ है कि उन्होंने निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग उठाई।
उन्होंने लिखा कि यदि सरकार यह भरोसा देती है, तो वह इस विश्वास के साथ अपना अनशन (Sonam Wangchuk Hunger Strike) समाप्त कर देंगे कि सरकार ने न सिर्फ उनकी बल्कि लाखों युवाओं की आवाज भी सुनी है। लेकिन यदि ऐसा आश्वासन नहीं मिला तो उनका अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा।
65 सांसदों ने भी की अनशन खत्म करने की अपील
वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की अपील की है। कई सांसद उनसे व्यक्तिगत रूप से भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि सांसदों ने उन्हें याद दिलाया कि देश और शिक्षा के लिए उन्हें अभी लंबा काम करना है।
वांगचुक ने कहा, “मैं जीना चाहता हूं, अपने छात्रों और शिक्षा के बीच लौटना चाहता हूं, लेकिन उन युवाओं की कीमत पर नहीं, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ।”
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