Siddharthnagar News: निपुण संकल्प कार्यशाला में बच्चों में भाषायी समझ और पठन संस्कृति बढ़ाने पर जोर

Siddharthnagar News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के जमीनी क्रियान्वयन और निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को हासिल करने के इरादे से सोमवार को शहर के शुभम होटल में सिद्धार्थनगर और बलरामपुर जिले के शिक्षा अधिकारियों की एक दिवसीय ‘निपुण संकल्प’ कार्यशाला आयोजित की गई। इस सत्र में दोनों जिलों के खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, डायट मेंटर, वरिष्ठ प्रवक्ता, एसआरजी और एआरपी ने प्रमुखता से हिस्सा लिया।

बीएसए ने की संवाद और पठन की पैरवी

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। बीएसए ने उपस्थित अधिकारियों और मेंटर्स को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यशाला में सीखी गई बारीकियों को हर स्कूल तक पहुँचाना अनिवार्य है, ताकि पढ़ाई में पीछे छूट रहे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई के प्रति सतर्क करने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने प्राथमिक स्तर पर दैनिक अखबार पढ़ने की आदत डालने और मातृभाषा में संवाद बढ़ाने की सलाह दी।

सत्र में विशेषज्ञ गर्व नागपाल, श्वेता किरन और देवम त्रिपाठी ने भाषा की बुनियादी समझ को बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार बताया। उन्होंने विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर सुधारने के लिए 10-पॉइंट टूल्स, कैच-अप प्रोग्राम, टीचिंग-लर्निंग मटीरियल (TLM) और बाल वाटिका में खेल-खेल में सीखने की पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि शुरुआती कक्षाओं (कक्षा 1 व 2) में बच्चे ‘पढ़ना सीखते हैं’, जबकि आगे की कक्षाओं में वे ‘सीखने के लिए पढ़ते हैं’—यही निपुण भारत मिशन का मूल मंत्र है।

14 ब्लॉकों में लगेंगे मेडिकल असेसमेंट कैंप

सिद्धार्थनगर जिले के परिषदीय, सहायता प्राप्त अशासकीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले विशिष्ट आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों के लिए एक अच्छी खबर है। उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के उद्देश्य से 28 जुलाई से 21 अगस्त के बीच जिले के सभी 14 विकास खंडों (बीआरसी) पर विशेष मेडिकल असेसमेंट कैंप लगाए जाएंगे।

अभिभावकों से आवश्यक दस्तावेजों संग पहुँचने की अपील

समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक करुणापति त्रिपाठी के अनुसार, ये कैंप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बीआरसी केंद्रों पर आयोजित होंगे। विशेषज्ञों की मेडिकल टीम बच्चों की जांच कर मौके पर ही दिव्यांगता का आकलन करेगी और पात्र बच्चों के प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे बच्चों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे तय तिथियों पर बच्चों के जरूरी कागजात लेकर शिविर में जरूर पहुँचे।

रिपोर्ट- जाकिर खान

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