Lucknow News: 200 रुपये कमीशन और मानदेय की मांग को लेकर कोटेदारों ने किया प्रदर्शन, पुलिस ने इको गार्डन भेजा

Lucknow News: उत्तर प्रदेश भर के सैकड़ों राशन कोटेदार अपनी लंबे समय से अटकी मांगों को लेकर मंगलवार को राजधानी लखनऊ में लामबंद हुए। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के तत्वावधान में जुटे ये कोटेदार चारबाग से विधानसभा घेराव के लिए पैदल मार्च निकालने वाले थे। हालाँकि, मुस्तैद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बल का प्रयोग कर उन्हें चारबाग में ही रोक दिया। बाद में पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को बसों के ज़रिये इको गार्डन भेज दिया।

कोटेदारों का दल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी लंबित समस्याओं पर ज्ञापन सौंपना चाहता है। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर जल्द ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो अगस्त माह में पूरे प्रदेश में खाद्यान्न का वितरण पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस संबंध में जिलों में पहले ही बैठकों के दौरान रूपरेखा तय की जा चुकी है।

200 रुपये कमीशन और मानदेय की मांग को लेकर कोटेदारों ने किया प्रदर्शन

मुख्य मांगें और बकाये का मुद्दा

कमीशन में बढ़ोतरी: उत्तर प्रदेश में कोटेदारों को फिलहाल मात्र 90 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की गई है।

बकाये का भुगतान: नवंबर 2021 (कोरोना काल) के दौरान मुफ्त बांटे गए राशन का बकाया भुगतान तुरंत किया जाए।

अन्य लंबित राशियां: बाजार मूल्य पर बांटे गए राशन की फंडिंग और गेहूं खरीद के समय जमा कराई गई खाली बोरियों का अटका हुआ पैसा जारी हो।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी का कहना है कि हरियाणा व दिल्ली में 200 रुपये, गोवा में 230 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है, जबकि गुजरात मिनिमम इनकम गारंटी दे रहा है। गुजरात, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी बढ़ती महंगाई को देखते हुए कोटेदारों के लिए निश्चित मानदेय तय किया जाना चाहिए।

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