पहले ही दस्त से शुरू करें ORS घोल, डिहाइड्रेशन से बचाकर लाखों मासूमों की जान बचाती है यह संजीवनी: डॉ. अमितेश
Kanpur News: विश्व ओआरएस (ORS) सप्ताह के उपलक्ष्य में भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP) कानपुर इकाई की ओर से हैलट अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) वार्ड में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 28 जुलाई, 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में पैरामेडिकल स्टाफ के लिए पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इस पूरे आयोजन का कुशल संचालन वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमितेश यादव, डॉ. शैलेंद्र गौतम और डॉ. प्रशांत प्रियदर्शिनी ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अमितेश यादव ने ओआरएस को बच्चों के लिए जीवनरक्षक औषधि करार दिया। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ (WHO) प्रमाणित ओआरएस घोल ने बीते दो-तीन दशकों में अनगिनत बच्चों को अकाल मौत के मुंह से निकाला है। बच्चों में दस्त या डायरिया की शिकायत होते ही पहले दिन से ही ओआरएस देना शुरू कर देना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) को समय रहते रोका जा सके। इसके बाद डॉ. प्रशांत प्रियदर्शिनी ने ओरल रीहाइड्रेशन थेरेपी की बारीकियों पर प्रकाश डाला।
आयोजन के दौरान डॉ. शैलेंद्र गौतम ने क्विज प्रतियोगिता का संचालन किया। उन्होंने उपस्थित पैरामेडिकल कर्मचारियों से डायरिया और डब्ल्यूएचओ-ओआरएस से जुड़े सवाल पूछे और सही उत्तरों के साथ-साथ इस घोल के सही इस्तेमाल के लाभ भी विस्तार से समझाए।
समारोह के समापन पर एनआईसीयू से लेकर बाल रोग विभाग तक एक जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में शामिल डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल परिसर में आए मरीजों व उनके तीमारदारों को ओआरएस के उपयोग और उसकी महत्ता के प्रति जागरूक किया।
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