Siddharthnagar News: पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रहलाद सिंह की पुण्यतिथि पर वृद्धाश्रम में श्रद्धांजलि सभा का हुआ आयोजन
Siddharthnagar News: बदलते दौर में जहां एकाकी होते परिवारों के बीच बुजुर्गों के प्रति आदर-भाव घटने की चिंता जताई जाती है, वहीं जनपद के वरिष्ठ समाजसेवी, पूर्व प्रधान एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य दिवंगत प्रहलाद सिंह की पहली पुण्यतिथि पर उनके परिवार ने भारतीय संस्कृति और सामाजिक संस्कारों का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। परिजनों ने पुरानी नौगढ़ स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर स्वर्गीय प्रहलाद सिंह की स्मृति में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया और वहां रह रहे बुजुर्गों की सेवा कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही के प्रतिनिधि व भतीजे सत्य प्रकाश राही ने दिवंगत प्रहलाद सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जीवन में माता-पिता का स्थान सर्वोच्च होता है और उनकी सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई धर्म नहीं है। मृत्यु के पश्चात भी उनकी याद में दिखावे से दूर रहकर बेसहारा बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक आयोजनों से समाज को सकारात्मक संदेश मिलता है और नई पीढ़ी को अपने बुजुर्गों के सम्मान तथा सेवा की प्रेरणा मिलती है।

पारिवारिक संस्कारों को आगे बढ़ा रहा प्रहलाद सिंह का परिवार
दिवंगत प्रहलाद सिंह के पुत्र आशुतोष सिंह ‘चंदन’ एवं संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उनके पिता जीवनभर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे और गरीब, असहाय तथा बुजुर्गों की मदद को अपना परम कर्तव्य मानते थे। उनकी माता शांति सिंह भी सदैव सेवा भाव से लोगों की सहायता करती रही हैं। परिवार ने बताया कि उन्हीं संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष उनकी प्रथम पुण्यतिथि किसी आडंबर के बजाय वृद्धाश्रम में मनाने का निर्णय लिया गया।

बुजुर्गों को बांटे वस्त्र व राशन
कार्यक्रम के दौरान शांति सिंह के हाथों वृद्ध महिलाओं को साड़ियां तथा पुरुषों को कंबल, अंगवस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही सभी बुजुर्गों को आदरपूर्वक भोजन कराया गया तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएं भेंट की गईं। इस सेवा कार्य के दौरान परिवार के सदस्य बेहद भावुक नजर आए। संतोष कुमार सिंह ने कहा कि बुजुर्गों के बीच बैठकर ऐसा महसूस हो रहा था मानो उनके पिता स्वयं वहीं उपस्थित होकर सभी को अपना आशीर्वाद दे रहे हों।

दो मिनट का मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित वक्ताओं ने दिवंगत प्रहलाद सिंह के सरल स्वभाव, सामाजिक जीवन और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, मनोज सिंह, अर्पित सिंह, हर्षित सिंह, धर्मवीर सिंह ‘वीरू’, डॉ. परम पटिक, रजनीश सिंह, राहुल सिंह और अमजद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, परिजन तथा शुभचिंतक मौजूद रहे।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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