देवरिया में आंबेडकर मूर्ति विवाद पर बड़ा ऐक्शन, दारोगा-लेखपाल समेत 5 कर्मचारी निलंबित
Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के लबकनी गांव में सरकारी खलिहान की भूमि पर बिना अनुमति डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने के बाद हुए विवाद में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मामले में दारोगा, बीट पुलिस अधिकारी, अभिसूचना इकाई के मुख्य आरक्षी, लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिव समेत कुल पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और सीओ समेत कई अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात हैं।
पथराव में कई कर्मचारी घायल, पुलिस कर रही गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने मंगलवार रात सरकारी भूमि पर मूर्ति स्थापित कर दी थी। बुधवार को इसकी सूचना मिलने पर राजस्व और पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण मूर्ति नहीं हटाई जा सकी। गुरुवार को एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में जेसीबी से मूर्ति को सम्मानपूर्वक हटाया गया।
इसी दौरान कुछ लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस व राजस्व टीम पर पथराव कर दिया। इस घटना में कई कर्मचारी घायल हुए। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने पर स्थिति पर काबू पाया गया।
DM-SP ने दिए जांच के आदेश, वीडियो से हो रही पहचान
घटना की सूचना पर डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। पुलिस ने पथराव के मामले में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। मौके पर बनाए गए वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
प्रशासन की शुरुआती जांच में सुरक्षा और निगरानी में लापरवाही सामने आने पर संबंधित पांच कर्मचारियों को निलंबित किया गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में बाहरी लोगों की भूमिका थी या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, गांव में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रखा गया है।

