‘ये वो बांग्लादेश नहीं…’ दिल्ली से पहली बार बोलीं शेख हसीना, रोते हुए कहा – मैं अपने देश लौटूंगी
Sheikh Hasina Press Conference: निर्वासन के बाद पहली बार बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आईं। नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मौजूदा बांग्लादेश की स्थिति पर गहरी चिंता जताई और भावुक होते हुए कहा कि यह वह देश नहीं रह गया, जिसके लिए लाखों लोगों ने अपने प्राण न्योछावर किए थे।
संबोधन के दौरान वह अपने परिवार को याद कर फफक पड़ीं और साफ शब्दों में कहा कि वह एक दिन जरूर बांग्लादेश लौटेंगी, उन्हें कोई रोक नहीं सकता।
अपने संबोधन में शेख हसीना ने खुद को सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की बेटी बताते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने अपने देश को बेहद कठिन दौर से गुजरते देखा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को कुछ संगठित समूहों ने सुनियोजित तरीके से हिंसा और सत्ता परिवर्तन के हथियार में बदल दिया।
‘यह वह बांग्लादेश नहीं जिसके लिए शहादत दी गई’
Sheikh Hasina ने कहा कि 1971 के मुक्ति संग्राम में लाखों लोगों ने जिस बांग्लादेश के लिए बलिदान दिया था, आज वह देश अपनी मूल भावना से भटक गया है। उनके मुताबिक सरकार ने उस समय बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के जरिए हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ संगठित ताकतों ने आंदोलन को हिंसक दिशा दे दी।
उन्होंने कहा कि पुलिस थानों, सरकारी इमारतों, मेट्रो स्टेशन, फ्लाईओवर और विश्वविद्यालय परिसरों को निशाना बनाया गया। मीडिया संस्थानों पर हमले हुए और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चुनौती देने की कोशिश की गई।
पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनके खिलाफ 600 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवामी लीग (Awami League) के हजारों कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, बड़ी संख्या में लोग मारे गए या लापता हो गए और एक लाख से ज्यादा नेता एवं कार्यकर्ता किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह देश से दूर जरूर हैं, लेकिन बांग्लादेश की जनता से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में उगाही, राजनीतिक हिंसा और हत्याएं अब सामान्य घटनाएं बन चुकी हैं।
परिवार को याद कर हुईं भावुक
संबोधन के दौरान Sheikh Hasina अपने परिवार का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि 1975 में उन्होंने अपने परिवार के अधिकांश सदस्यों को खो दिया था और उसके बाद छह वर्षों तक निर्वासन का जीवन बिताना पड़ा। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हमेशा अपने देश और लोकतंत्र के लिए काम किया।
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वह तथ्यों को सामने लाए और सच्चाई को दुनिया तक पहुंचाए।
बेटे साजीब वाजेद ने भी लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद (Sajeeb Wazed) ने भी मौजूदा बांग्लादेश सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में राजनीतिक हत्याएं हो रही हैं, विपक्षी नेताओं और पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
उन्होंने भारत के मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब भारतीय मीडिया ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, तभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन घटनाओं पर ध्यान गया।
अपने संबोधन के अंत में Sheikh Hasina ने स्पष्ट किया कि उनका बांग्लादेश से रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर किया गया, लेकिन वह अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुईं। उन्होंने भरोसा जताया कि एक दिन वह अपने देश जरूर लौटेंगी और उन्हें कोई रोक नहीं सकता।

