जांच में फेल निकली UP के सरकारी अस्पतालों की एंटीबायोटिक, कंपनी 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट
UP News: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई एक अहम एंटीबायोटिक दवा गुणवत्ता जांच (Quality Test) में फेल हो गई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPMSCL) ने सख्त कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश की दवा निर्माता कंपनी एथेंस लाइफ साइंस (Athens Life Science) को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही कंपनी का भुगतान भी रोक दिया गया है।
यह दवा अमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैवुलानेट ओरल सस्पेंशन है, जिसका इस्तेमाल निमोनिया और बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में किया जाता है। वर्ष 2024 की टेंडर प्रक्रिया के तहत खरीदी गई इस दवा की दो बैच DBT 25-048 और DBT 25-108 गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं।
घटिया दवा पर सख्त कार्रवाई
जांच रिपोर्ट आने के बाद कंपनी को नोटिस भेजा गया। पहली बैच पर मिले जवाब को यूपीएमएससीएल ने संतोषजनक नहीं माना, जबकि दूसरी बैच के मामले में कंपनी ने तय समय के भीतर कोई जवाब ही नहीं दिया। इसके बाद कंपनी को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया गया।
साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA), ड्रग लाइसेंसिंग प्राधिकरण और प्रदेश के सभी जिला ड्रग वेयरहाउसों को संबंधित बैच की दवा का इस्तेमाल तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह दवा किसी भी मरीज तक न पहुंचे।
हाल के वर्षों में जांच में फेल हुईं दवाएं
- 22 जुलाई 2026: अमीकासीन सल्फेट (Amikacin Sulphate) फेल, देहरादून की कंपनी ब्लैकलिस्ट।
- 19 जून 2026: एल्बेंडाजोल 400 mg (Albendazole) जांच में फेल।
- 15 सितंबर 2025: कैल्शियम कार्बोनेट + विटामिन D3 दवा फेल।
- 16 जुलाई 2025: कैल्शियम + विटामिन D3 की दूसरी खेप भी जांच में असफल।
- 11 जुलाई 2025: आइबुप्रोफेन 200 mg (Ibuprofen) टैबलेट फेल।
- 29 जनवरी 2025: बेंजाइल बेंजोएट एप्लीकेशन (Benzyl Benzoate Application) गुणवत्ता जांच में असफल।
नकली दवा मामले में जमानत नहीं
इसी बीच, अमीनाबाद में बड़ी मात्रा में नकली दवाएं सप्लाई करने के आरोपी भूपेंद्र सिंह की जमानत याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी। पुलिस के मुताबिक 16 जुलाई को किसान पथ के पास एक ओमनी वैन से भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद हुई थीं, जिसे आरोपी चला रहा था।
दूसरी ओर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग में नया एचआरएफ (HRF) दवा काउंटर शुरू किया गया है। इससे मरीजों को अस्पताल परिसर में ही प्रमाणित और रियायती दरों पर दवाएं मिल सकेंगी, जिससे बाहर मेडिकल स्टोरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Also Read: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी PNC Infratech पर एक्शन, फिर मिले 3,483 करोड़ के नए ठेके!

