महाराजगंज SP ने 36 पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर, महकमे में मचा हड़कंप
Maharajganj News: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और पुलिसिंग को पारदर्शी बनाने के लिए देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए विभिन्नअ थानों और विभागों में तैनात 36 आरक्षियों व मुख्य आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। आधी रात को हुए इस अप्रत्याशित फैसले से समूचे पुलिस तंत्र में खलबली मच गई है।
यद्यपि आधिकारिक तौर पर दंडित कर्मचारियों की सूची और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई के विशिष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया गया है, किंतु विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह कदम आपराधिक मुकदमों में संलिप्तता, गंभीर आरोपों और जनता की शिकायतों के निस्तारण में कोताही बरतने वाले कर्मियों पर उठाया गया है। एसपी ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सभी प्रभावित कर्मचारी तुरंत पुलिस लाइन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में लापरवाही और फरियादियों से दुर्व्यवहार को कतई सहन नहीं किया जाएगा।
पुराने रिकॉर्ड खंगालने पर गिरी गाज
सूत्रों के अनुसार, पुलिस कर्मियों की कार्यशैली और उनके पिछले ट्रैक रिकॉर्ड का उच्च स्तर पर बारीकी से मूल्यांकन किया जा रहा है। इस कठोर कदम के बाद कई अन्य थानों व चौकियों में भी हड़कंप का माहौल है। संकेत साफ हैं कि अकर्मण्य और संदिग्ध छवि वाले कर्मचारियों पर आने वाले समय में और भी सख्त गाज गिर सकती है। एसपी ने दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग के लिए इस प्रकार की समीक्षात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
समाधान दिवस पर 10 मामलों का तुरंत निपटारा
कार्रवाई के बीच शनिवार को जिले भर के थानों में थाना समाधान दिवस का आयोजन भी हुआ, जहाँ राजस्व और पुलिस विभाग की टीमों ने मिलकर जनसमस्याएँ सुनीं। दिन भर में आए कुल 57 प्रार्थना पत्रों में से 10 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। एएसपी सिद्धार्थ ने श्यामदेउरवा थाने में लोगों की फरियाद सुनी, जबकि एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने निर्देश दिया कि जमीनी विवादों के निस्तारण के लिए दोनों पक्ष की मौजूदगी में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए ताकि फरियादियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
Also Read: KBC 18 में आमिर खान पहुंचे तो यूजर्स ने किया ट्रोल, बोले- चौथी शादी कब होगी?

