काकोरी ट्रेन एक्शन को डकैती कहना क्रांतिकारियों का अपमान: सीएम योगी
Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह के भव्य शुभारंभ के अवसर पर देश के अमर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काकोरी की ऐतिहासिक घटना को डकैती की संज्ञा देना हमारे वीर क्रांतिकारियों के अद्वितीय त्याग और राष्ट्रभक्ति के महान उद्देश्य को नीचा दिखाने जैसा है। ब्रिटिश हुकूमत ने तो इसे डकैती कहकर पुकारा ही, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहे लोगों ने भी इसे डकैती कांड कहकर अमर शहीदों के सम्मान को ठेस पहुंचाई।
सीएम योगी ने चौरी-चौरा और काकोरी जैसी युगांतकारी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम किसी एक व्यक्ति या किसी एक विचारधारा की देन नहीं था, बल्कि लाखों भारतीयों के सामूहिक संघर्ष का परिणाम था। उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा कांड के बाद जब आंदोलन वापस लिया गया, तब पंडित मदन मोहन मालवीय ने क्रांतिकारियों का मुकदमा लड़कर उन्हें संबल दिया था। इसके बावजूद स्वतंत्रता के बाद इतिहास लेखन में ऐसे महान नायकों और रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई, अवंतीबाई लोधी व वीरांगना ऊदा देवी जैसी अमर वीरांगनाओं को उनका उचित स्थान देने में अड़चनें खड़ी की गईं।
मैं भारत माता के महान सपूतों, क्रांतिकारियों एवं स्वाधीनता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों को नमन करते हुए, काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े सभी महानायकों को इस अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
—मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी pic.twitter.com/GcnYdKNsS0
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 9, 2026
2014 के बाद बदला नजरिया और मिला सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के वास्तविक नायकों को उनका खोया हुआ सम्मान वापस मिल रहा है। काकोरी डकैती का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से काकोरी ट्रेन एक्शन करना इसी सम्मान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि पहले नामकरण और सम्मान की राजनीति केवल एक परिवार विशेष तक सीमित थी, जिसे अब बदलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले हर नायक से जोड़ा जा रहा है।
सोशल मीडिया और अफवाहों से बचें युवा
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सचेत किया कि देश को गुलामी में धकेलने वाली आपसी फूट और षड्यंत्रकारी ताकतें आज भी सक्रिय हैं। वर्तमान समय में सोशल मीडिया का इस्तेमाल भारत विरोधी दुष्प्रचार, अफवाहें फैलाने और समाज को जाति व क्षेत्र के नाम पर बांटने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे ऐसे किसी भी भ्रामक प्रचार के बहकावे में न आएं और देश के क्रांतिकारी नायकों के त्याग से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
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