कॉमिक इमेज छोड़ गंभीर किरदार में दिखेंगे मनु ऋषि, ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में बने परवेज मुशर्रफ
Entertainment News: 24 साल से फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभा रहे अभिनेता मनु ऋषि चड्ढा अब अपनी कॉमिक इमेज से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
नेटफ्लिक्स की पीरियड वॉर ड्रामा ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में वह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और कारगिल युद्ध से जुड़े विवादित किरदार परवेज मुशर्रफ की भूमिका निभा रहे हैं।
खास बात यह है कि इस रोल में उन्होंने अपनी चिर-परिचित कॉमिक शैली के बजाय बेहद गंभीर और ठहरे हुए अंदाज को अपनाया है।
मनु ऋषि ने बताया कि ‘ओये लकी! लकी ओये!’ के बाद उन्हें लगातार ऐसे किरदार मिलने लगे, जिनमें उनसे इम्प्रोवाइजेशन की उम्मीद की जाती थी।
कई फिल्मों में वह एक्टिंग के साथ लेखन में भी योगदान देते थे, लेकिन उन्हें लगता था कि उनकी पहचान एक ही तरह के किरदार तक सीमित होती जा रही थी।
एक्टर के मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें एक्टिंग करना बोरिंग लगने लगा था। उन्हें हर जगह उसी पुराने अंदाज में देखा जाता था, जिससे वह अपनी इमेज बदलना चाहते थे।
मुशर्रफ के किरदार के लिए देखे पुराने वीडियो
मुशर्रफ का किरदार मिलने के बाद मनु ऋषि ने उनके पुराने वीडियो और इंटरव्यू देखे। बाद में उन्होंने अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी से भी बात की।
नवाज ने उन्हें समझाया कि किसी ऐतिहासिक शख्सियत को निभाते समय सिर्फ उसकी नकल करना जरूरी नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व को समझना ज्यादा अहम है।
मनु ऋषि ने मुशर्रफ के व्यवहार में एक विरोधाभास महसूस किया। उनके मुताबिक, उन्हें लगता था कि वह सच बोल रहे हैं, जबकि सामने वाला उनकी बात को झूठ मान रहा होता था। इसी पहलू को उन्होंने किरदार समझने की अहम कड़ी माना।
‘अपने सारे पॉज को हथियार बना लिया’
मनु ऋषि ने बताया कि इस भूमिका के लिए उन्हें अपनी स्वाभाविक ऊर्जा को नियंत्रित करना पड़ा। उन्होंने किरदार में ठहराव और संवादों के बीच सही पॉज पर खास ध्यान दिया।
उनके मुताबिक, उन्होंने हर संवाद से पहले अपने पॉज को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया। शूटिंग के दौरान वह मॉनिटर देखने से भी बचते थे और निर्देशक के भरोसे पर अपनी परफॉर्मेंस देते रहे।
अब अलग अंदाज में नजर आएंगे मनु ऋषि
मनु ऋषि का कहना है कि लंबे समय तक कॉमेडी और इम्प्रोवाइजेशन से जुड़े किरदार करने के बाद मुशर्रफ की भूमिका उनके लिए एक चुनौती थी।
अब वह गंभीर और ऐतिहासिक किरदारों के जरिए अपनी अभिनय क्षमता का दूसरा पक्ष दर्शकों के सामने लाना चाहते हैं।
‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में उनकी यह भूमिका उनके करियर के लिए कितना बड़ा बदलाव साबित होती है, यह फिल्म की रिलीज के बाद ही स्पष्ट होगा।

