सीएम योगी ने बांटे 3,572 नियुक्ति पत्र, अगले 6 महीनों में 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का किया ऐलान
Lucknow News: लखनऊ में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विभाग और मंडी परिषद में नवचयनित 3,572 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को बधाई दी और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का वादा किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार आगामी 6 महीनों के भीतर चरणबद्ध तरीके से 1 लाख और नौजवानों को सरकारी नौकरियां देने जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक भर्ती परीक्षाएं पूरी कर ली गई हैं और हर हफ्ते अलग-अलग चरणों में अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि 2017 से अब तक बिना किसी भेदभाव और पूर्ण पारदर्शिता के साथ 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में सफलता पूर्वक समायोजित किया जा चुका है।
पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल पर तीखा हमला
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थितियों की तुलना करते हुए तत्कालीन व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पहले भर्ती का विज्ञापन निकलते ही भ्रष्टाचार, बेईमानी और वसूली का खेल शुरू हो जाता था। इसके कारण मामला अदालतों में अटक जाता था, भर्ती प्रक्रिया पर स्टे लग जाता था और युवाओं का समय तथा उम्र दोनों बर्बाद होते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें अभ्यर्थियों का कोई दोष नहीं था, बल्कि चयन आयोगों, बोर्डों और उस समय के शासन तंत्र में बैठे भ्रष्ट लोग इसके लिए जिम्मेदार थे।
कृषि विभाग के लिए नव चयनित 3,446 प्राविधिक सहायकों एवं 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति-पत्र के वितरण हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में…https://t.co/LgQ33WtFjj
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 25, 2026
उत्तर प्रदेश की बदलती वैश्विक छवि
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की छवि एक ‘बीमारू राज्य’ की थी, जहाँ से युवा पलायन करने को मजबूर थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे और बेटियों की सुरक्षा तथा व्यापारियों के व्यापार पर संकट छाया हुआ था। कर्फ्यू, दंगे और भ्रष्टाचार राज्य की पहचान बन चुके थे, जिससे प्रदेश के युवाओं को राज्य के बाहर भी पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने कोई पहचान का संकट नहीं है। राज्य के भीतर ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर में यूपी के युवाओं का सम्मान और स्वागत करने के लिए माहौल तैयार है। इसके साथ ही रायबरेली में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने विपक्षी नेताओं की नीतियों की जमकर आलोचना की।

