ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान का खुलासा, ईंधन खत्म होने से टकराया था भारतीय हारोप ड्रोन
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की हैं। नई दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के विमर्श कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के संवेदनशील किराना हिल्स इलाके (जो उसके परमाणु ढाँचे से जुड़ा माना जाता है) पर जानबूझकर कोई हमला नहीं किया था।
पूर्व सीडीएस के अनुसार, अभियान के दौरान पाकिस्तान के सरगोधा क्षेत्र में दुश्मन के रडार सिस्टम को ढूंढकर नष्ट करने के लिए कई लोइटरिंग म्यूनिशन (हारोप ड्रोन) तैनात किए गए थे। इन्हीं में से एक ड्रोन लक्ष्य न मिलने और ईंधन समाप्त होने के कारण संभवतः किराना हिल्स की पहाड़ियों से जा टकराया। उन्होंने उस समय के एयर मार्शल एके भारती के बयान का भी हवाला दिया, जिन्होंने किराना हिल्स के किसी भी परमाणु प्रतिष्ठान पर हमले की बात से साफ इनकार किया था।
इसके अलावा जनरल चौहान ने एक और अहम रणनीतिक बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के स्कर्दू स्थित ठिकाने पर भी हमले की मंजूरी मिली थी। हालाँकि, खराब मौसम और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण स्कर्दू मिशन को ऐन वक्त पर रद्द कर भोलारी की तरफ मोड़ दिया गया, जहाँ 10 मई को वायुसेना ने पाकिस्तान के सैन्य हैंगर को सफलतापूर्वक तबाह किया था।

