गौतम गंभीर के फैसलों पर सवाल, लेकिन मैदान पर दिख रहा असर
Sports News: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर अक्सर अपने फैसलों को लेकर आलोचनाओं के घेरे में रहते हैं।
सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें ट्रोल भी करते हैं, लेकिन मैदान पर उनके कई फैसले सही साबित होते नजर आए हैं।
कोलंबो टेस्ट में कुलदीप यादव की जगह डेब्यू करने वाले सारांश जैन को मौका देना इसका ताजा उदाहरण है।
गंभीर के इस फैसले पर सवाल उठे थे कि कुलदीप यादव जैसे अनुभवी स्पिनर को बाहर बैठाकर सारांश जैन को क्यों चुना गया।
हालांकि, मैच आगे बढ़ने के साथ सारांश ने अपने प्रदर्शन से इस फैसले को सही साबित करने की कोशिश की।
कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में सारांश जैन ने दो विकेट हासिल किए। इनमें सोनल दिनुषा का विकेट भी शामिल रहा, जो इस सीरीज में भारतीय गेंदबाजों के लिए परेशानी खड़ी कर चुके थे।
सारांश ने नई गेंद से दिनुषा को आउट कर श्रीलंका को फॉलोऑन से बचने की चुनौती में डाल दिया।

प्रसिद्ध कृष्णा पर भी जताया भरोसा
गंभीर के फैसलों की आलोचना पहले भी होती रही है। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को लगातार मौका देने पर भी सवाल उठाए गए, लेकिन कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
प्रसिद्ध ने 16 ओवर में 52 रन देकर तीन विकेट लिए और भारत के लिए प्रभावी गेंदबाज रहे।
हर्षित राणा को बैक करने पर भी हुई आलोचना
व्हाइट बॉल क्रिकेट में हर्षित राणा को लगातार समर्थन देने के लिए भी गंभीर को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया है।
हालांकि, हर्षित ने कई मौकों पर गेंद और बल्ले दोनों से उपयोगी योगदान दिया है। नंबर-8 पर उनकी मौजूदगी टीम की बल्लेबाजी को भी अतिरिक्त मजबूती देती है।
ऐसे में गंभीर के फैसलों पर बहस भले ही जारी हो, लेकिन उनके कई विवादित फैसले मैदान पर असरदार साबित हुए हैं।
यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट के फैसलों का अंतिम आकलन सिर्फ सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन और मैच के नतीजों से करना ज्यादा अहम है।
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