UN के नए वर्ल्ड मैप पर विवाद, अरुणाचल, अक्साई चीन को अलग दिखाया, कश्मीर पर भी छिड़ी बहस
UN World Map: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के हाल ही में जारी एक वर्ल्ड मैप को लेकर भारत में विवाद शुरू हो गया है। इस नक्शे में अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh), अक्साई चीन (Aksai Chin) और जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) को जिस तरह दिखाया गया है, उसने नई बहस छेड़ दी है।
1 जुलाई को जारी इस मैप में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को अलग-अलग विवादित क्षेत्रों की तरह दर्शाया गया है। इन दोनों इलाकों पर भारत (India) और चीन (China) अपने-अपने दावे करते हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) को भी विशेष तरीके से दिखाया गया है।
UN World Map में क्या दिखाया गया?
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में ‘करेक्ट द मैप’ (Correct the Map) प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह नक्शा सामने आया था। इस पहल का उद्देश्य दुनिया के नक्शों में भौगोलिक असमानताओं को सुधारना बताया गया है।
मैप में अरुणाचल प्रदेश को नागालैंड से जोड़ने वाली स्पष्ट सीमा रेखा नहीं दिखाई गई है। इसके बजाय उसे असम (Assam) और चीन से घिरे एक अलग क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है। इसी तरह अक्साई चीन को भी अलग इकाई की तरह दिखाया गया है, जिसका एक हिस्सा भारत और दूसरा चीन से सटा हुआ बताया गया है।
जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा (LoC) को डॉटेड लाइन के जरिए दिखाया गया है। मैप के साथ दिए गए नोट में कहा गया है कि यह भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच सहमति वाली नियंत्रण रेखा का संकेत है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि जम्मू-कश्मीर का अंतिम दर्जा अभी विवादित माना जाता है।
भारत ने क्या कहा?
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘करेक्ट द मैप’ प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन साथ ही अपना रुख भी स्पष्ट कर दिया। भारत ने कहा कि उसका समर्थन केवल समान क्षेत्रफल आधारित नक्शा प्रस्तुतीकरण के सिद्धांत के लिए था, किसी विशेष सीमा निर्धारण या विवादित क्षेत्रों की व्याख्या के लिए नहीं।
भारत का लगातार कहना रहा है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। वहीं अक्साई चीन को भी भारत लद्दाख का हिस्सा मानता है। भारत का आधिकारिक रुख है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न अंग हैं।
हालांकि संयुक्त राष्ट्र की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन क्षेत्रों को इस तरीके से दिखाने का आधार क्या था। इसी वजह से नए वर्ल्ड मैप (UN World Map) को लेकर विवाद और बहस तेज हो गई है।
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