टेक्सटाइल में यूपी की नई उड़ान, योगी बोले- प्रदेश बनेगा ग्लोबल हब
UP Textile Conclave 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश का टेक्सटाइल सेक्टर प्रदेश की नई औद्योगिक ताकत बनेगा। लखनऊ में दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन पर उन्होंने कहा, “यूपी” का मतलब ‘अल्टीमेट पोटेंशियल’ है। प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्यमिता और देश का बड़ा बाजार है। अब फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड तक पूरी वैल्यू चेन यूपी में विकसित करने का लक्ष्य है।
सीएम ने यूपी टेक मित्र पोर्टल और हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना शुरू की। इस दौरान टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए। 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी बांटी गई।
यूपी की टेक्सटाइल विरासत और बढ़ता निर्यात
योगी ने कहा कि यूपी में 2 लाख हैंडलूम और 5 लाख से ज्यादा पावरलूम बुनकर हैं। फैब्रिक उत्पादन में यूपी देश में तीसरे स्थान पर है और कुल उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 13 से 14 प्रतिशत है। छह वर्षों में वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात करीब 56 प्रतिशत बढ़ा है। यूपी अब देश का चौथा बड़ा निर्यातक राज्य है।
माफिया से निवेश तक बदले यूपी के हालात
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’, वसूली, दंगे और कर्फ्यू की स्थिति थी। आज कानून व्यवस्था बेहतर होने से निवेश बढ़ा है। पिछले 9 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें 15 लाख करोड़ रुपये धरातल पर उतर चुके हैं। 65 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है।
उन्होंने बताया कि यूपी में 96 लाख MSME इकाइयां हैं। नोएडा को अपैरल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में टेक्सटाइल परियोजनाओं के लिए भूमि आरक्षित की गई है।

