जातिगत जनगणना के फॉर्म पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, ड्रॉपडाउन सूची की मांग
Rahul Gandhi: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिन्द ने आगामी जातिगत जनगणना के मौजूदा प्रारूप को दोषपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि प्रश्नावली में जाति दर्ज करने का तरीका आंकड़ों में बड़ी गड़बड़ी पैदा कर सकता है। जयहिन्द ने मौजूदा प्रश्नावली रद्द कर तेलंगाना और बिहार की तर्ज पर प्रमाणित जातियों की ड्रॉपडाउन सूची के आधार पर नया प्रारूप तैयार करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जनगणना के लिए तय 40 सवालों में सवाल नंबर 10 सबसे बड़ी समस्या दिखाता है। इसमें जाति बताने के लिए खुला विकल्प दिया गया है। उनके मुताबिक इससे लोग जाति, उपजाति या स्थानीय नाम बता सकते हैं और गणनाकर्मी उसे उसी रूप में दर्ज करेगा। अलग-अलग नाम और वर्तनी दर्ज होने से एक ही जाति के आंकड़े कई हिस्सों में बंट सकते हैं।
OBC और वंचित वर्गों पर असर का दावा
जयहिन्द ने कहा कि देश में कई जातियां अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में अलग नामों से जानी जाती हैं। प्रमाणित सूची नहीं होने पर वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा सामने नहीं आएगा। इससे आरक्षण की समीक्षा, कल्याणकारी योजनाओं में लक्षित हिस्सेदारी और सामाजिक-आर्थिक भागीदारी का सही आकलन प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र और राज्य सरकारों के पास जातियों की सूची उपलब्ध है तो राष्ट्रीय जनगणना में ड्रॉपडाउन विकल्प क्यों नहीं रखा गया। उन्होंने एक जून की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधिकारियों ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की ओबीसी सूची साझा करने की इच्छा जताई थी।
राहुल गांधी का भी किया स्वागत
जयहिन्द ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग कर रही है। उनके मुताबिक राहुल गांधी 2023 से यह मुद्दा उठा रहे हैं और 30 अप्रैल 2025 को केंद्र ने 2027 से जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की। कार्यक्रम में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में राहुल गांधी का स्वागत हुआ। पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, असीम वकार और रमेश मिश्रा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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