बुलडोजर ऐक्शन पर थाने में रो पड़े योगी सरकार के मंत्री राकेश राठौर, पुलिस-अफसरों पर लगाए आरोप

Sitapur News: सीतापुर में सड़क चौड़ीकरण और नाला सफाई के लिए चल रहे बुलडोजर अभियान ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। अतिक्रमण हटाने के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर लॉकअप में रखने पर नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु नाराज हो गए। वह समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचे और भावुक होकर फफक पड़े। हंगामे के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया।

मंत्री ने नगर पालिका और पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हिस्ट्रीशीटरों और माफिया को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलता है, जबकि बीजेपी कार्यकर्ताओं को हवालात में डाल दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई।

अफसरों की कार्यशैली पर उठाए सवाल

राकेश राठौर ने मुजीब अहमद का नाम लेते हुए कहा कि दर्जनों मुकदमों के बावजूद ऐसे लोगों को जेल भेजने के कुछ समय बाद छोड़ दिया जाता है और उनके साथ फोटो खिंचवाई जाती है। मंत्री ने कहा कि उनके जीवन में यह पहला मौका है, जब उन्हें किसी मामले में कोतवाली आना पड़ा।

उन्होंने बताया कि दोपहर से देर रात तक ईओ, पुलिस अधिकारियों और एसपी स्तर पर बातचीत हुई, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा। मंत्री ने अपने परम मित्र जितेंद्र मिश्रा और मुंहबोले भतीजे सौरभ मिश्रा की ओर से किसी अपशब्द के लिए माफी भी मांगी।

20 साल पुरानी दुकानों पर चला बुलडोजर

बुधवार को रंपा महल-वाल्दा रोड पर नाले और सड़क किनारे बने अवैध निर्माण हटाए गए। दुकानदारों का कहना था कि वे करीब 20 वर्षों से यहां रोजी-रोटी चला रहे हैं। पालिका के मुताबिक अतिक्रमण के कारण नाले की सफाई और जल निकासी बाधित थी। प्रशासन ने सार्वजनिक जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी दी है।

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