Lucknow: पुलवामा हमले का नाम लेकर रिटायर्ड रेलवे अफसर को किया डिजिटल अरेस्ट, ठगे 9 लाख
Lucknow Digital Arrest Scam: लखनऊ में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी को ऐसा डराया कि वह अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे। जालसाजों ने उन्हें पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Attack) की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया और हाईकोर्ट का कथित अरेस्ट वारंट व्हाट्सऐप पर भेज दिया।
इंदिरानगर (Indiranagar, Lucknow) के बेगमपुरवा निवासी रिटायर्ड सीनियर टेक्नीशियन वीरेंद्र कुमार के मुताबिक, 1 सितंबर की सुबह उनके पास व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी प्रेम कुमार बताया और फिर शिव कुमार नाम के दूसरे व्यक्ति से बात कराई। दोनों ने उन्हें 14 साल तक जेल भेजने की धमकी दी।
24 घंटे का ‘डिजिटल अरेस्ट’, खाते से निकल गए 9 लाख
जालसाजों ने वीरेंद्र को बताया कि उन्हें 24 घंटे के लिए डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) किया जा रहा है। इसके बाद बैंक खातों की जांच के नाम पर उनसे बैंक डिटेल और पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। ठगों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी और RBI से भी पैसों की जांच कराई जाएगी।
डर के कारण वीरेंद्र ने जालसाजों के बताए खातों में 9 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी उनकी मांग बढ़ती रही। परेशान होकर वीरेंद्र ने आखिरकार फोन काट दिया और परिचित को पूरी बात बताई। तब उन्हें पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
फोन काटते ही जमानत के नाम पर फिर मांगे 3 लाख
फोन कटने के बाद भी जालसाजों ने पीछा नहीं छोड़ा। उन्होंने मैसेज भेजकर वीरेंद्र से जमानत के नाम पर 3 लाख रुपये और मांगे। इसके बाद पीड़ित ने 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने में तहरीर दी।
Lucknow साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्रेम कुमार और शिव कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर आलोक राव के मुताबिक, ठगों के बैंक खाते फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंक से संपर्क किया जा रहा है।
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