नेतन्याहू का दावा, हिजबुल्लाह का 20 साल पुराना भूमिगत सैन्य ठिकाना पूरी तरह तबाह
Sandesh Wahak Digital Desk: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान जारी कर बड़ी सैन्य सफलता का दावा किया है। नेतन्याहू ने घोषणा की कि इजराइली रक्षा बलों ने दक्षिणी लेबनान स्थित हिजबुल्लाह के प्रमुख और विशाल भूमिगत ठिकाने ‘अली अत-ताहेर’ को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
यह रणनीतिक ठिकाना नाबतिया के समीप इजराइल द्वारा बनाए गए सुरक्षा बफर जोन के भीतर स्थित था। इजराइली नेताओं के अनुसार, इस बंकर को पिछले दो दशकों में धीरे-धीरे विकसित किया गया था, जहां ईरान द्वारा वित्तपोषित भारी मात्रा में आधुनिक हथियार रखे गए थे।
गलील क्षेत्र पर कब्जे की थी योजना
इजराइली अधिकारियों का दावा है कि इस भूमिगत बेस का इस्तेमाल इजराइल के गलील (Galilee) क्षेत्र पर बड़े हमले और उस पर कब्जा करने के लिए एक मुख्य प्लेटफॉर्म के रूप में किया जाना था। इसके अलावा, यहां से मेटुला और किर्यात शमोना जैसे इजराइली सीमावर्ती शहरों पर सीधी निगरानी और बमबारी करने की तैयारी थी।
Netanyahu:
There is no context for burning families alive.
There is no grievance that justifies murdering innocents deliberately. pic.twitter.com/nA6ZctX0UH
— Clash Report (@clashreport) September 11, 2026
बफर जोन की व्यवस्था मजबूत
बयान में कहा गया कि शीर्ष नेतृत्व की सीधी मंजूरी के बाद ही सेना ने इस रणनीतिक बंकर को विस्फोट से पूरी तरह नष्ट किया। इस कार्रवाई के साथ ही दक्षिणी लेबनान में इजराइल की सुरक्षा जोन की व्यवस्था अब पूरी हो चुकी है। सेना फिलहाल इलाके में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है ताकि आतंकी नेटवर्क दोबारा पैर न पसार सके।
हालांकि, इजराइली सेना के इस बड़े दावे के समर्थन में अभी तक कोई स्वतंत्र तस्वीरें या आधिकारिक सबूत जारी नहीं किए गए हैं, जिसे लेकर कुछ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए हैं। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह की तरफ से भी इस सैन्य कार्रवाई को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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