Lucknow News: पुरानी पेंशन से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं, 12 दिसंबर को दिल्ली में कर्मचारी करेंगे शक्ति प्रदर्शन- सुभाष लांबा
Lucknow News: पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुरानी पेंशन योजना के साथ छेड़छाड़ करने की जमीन तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों की खैरात नहीं, बल्कि उनके वेतन का स्थगित हिस्सा है। पेंशन अधिकारों को कमजोर करने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके विरोध में 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय आक्रोश रैली आयोजित की जाएगी।
सुभाष लांबा मंगलवार को लखनऊ के प्रेरणा सदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। वह जौनपुर और भदोही के मंडलीय सम्मेलनों में शामिल होने के बाद फॉरेस्ट मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश की राज्य कमेटी की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर जताई चिंता
सुभाष लांबा ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें पुरानी पेंशन को ‘बिना अंशदान वाली पेंशन योजना’ बताते हुए उसके वित्तीय बोझ का आकलन करने की बात कही गई है।
इसके अलावा पेंशन लाभों की समीक्षा में राजकोषीय अनुशासन और देश की आर्थिक स्थिति को आधार बनाने का प्रावधान भी चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ पुरानी पेंशन के वित्तीय बोझ का आकलन कराने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों को देश की आर्थिक स्थिति से जोड़ रही है।
यह सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कर्मचारी अपने अर्जित पेंशन अधिकारों पर किसी भी हमले का एकजुट होकर विरोध करेंगे।
डीए और बोनस नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों को जुलाई से देय महंगाई भत्ता (DA) और दीपावली से पहले मिलने वाला बोनस अब तक जारी नहीं किया गया है।
इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से हजारों कर्मचारी दिल्ली की रैली में शामिल होंगे।
महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक में सरकार की ओर से की गई बढ़ोतरी को नाकाफी बताया।
उन्होंने समान काम के लिए समान वेतन और आउटसोर्स कर्मियों को नियमित किए जाने की मांग उठाई।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष एसपी सिंह ने कहा कि रैली में बड़ी संख्या में पेंशनर्स भी शामिल होंगे। वे पेंशन वैलिडेशन एक्ट-2025 को रद्द करने की मांग उठाएंगे।
रैली में इन मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे कर्मचारी
सुभाष लांबा ने बताया कि 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में पुरानी पेंशन बहाली, पीएफआरडीए एक्ट और एनपीएस-यूपीएस को रद्द करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।
इसके अलावा आठवें वेतन आयोग में 3.8 फिटमेंट फैक्टर लागू करने, वार्षिक वेतन वृद्धि की दर पांच प्रतिशत करने और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 40 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग की जाएगी।
कर्मचारी संगठन मूल वेतन का 20 प्रतिशत और न्यूनतम पांच हजार रुपये मासिक अंतरिम राहत देने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने तथा 18 प्रतिशत बकाया डीए/डीआर जारी करने की मांग भी उठाएंगे।
इसके साथ ही निजीकरण पर रोक, सरकारी विभागों में पदों की कटौती बंद करने, आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट और सभी कर्मचारियों व पेंशनर्स को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की जाएगी।
यूपी से 10 हजार से अधिक कर्मचारियों के शामिल होने का दावा
रैली के प्रभारी एवं उत्तर प्रदेश संयोजक जेपी पांडेय ने बताया कि प्रदेश से 10 हजार से अधिक कर्मचारी दिल्ली पहुंचेंगे। इसके लिए सभी जिलों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसपी सिंह, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल, महामंत्री अशोक सिंह, उपाध्यक्ष परमेश्वर सिंह, रैली के उत्तर प्रदेश संयोजक जेपी पांडेय, लखनऊ जिला अध्यक्ष अफीफ सिद्दीकी, कोषाध्यक्ष राम भजन मौर्य और सह कोषाध्यक्ष भी मौजूद रहे।
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