दिल्ली-मेरठ के बाद अब कानपुर-लखनऊ के बीच नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर का ऐलान, जानें पूरा प्लान
Namo Bharat Rapid Rail Corridor: उत्तर प्रदेश में दिल्ली-मेरठ के बाद अब एक और बड़े रैपिड रेल कॉरिडोर की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव दौरे के दौरान कानपुर और लखनऊ के बीच नमो भारत रैपिड रेल (RRTS) कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही गंगा नदी पर नए पुल, स्टेट कैपिटल रीजन (SCR), आउटर रिंग रोड, डिफेंस कॉरिडोर और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को भी गति देने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव अब केवल कानपुर और लखनऊ के बीच का जिला नहीं रहेगा, बल्कि विकास और निवेश का नया केंद्र बनेगा।
नमो भारत ट्रेन का प्रस्तावित रूट और स्टेशन
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक जाएगा। सरकार इसके सर्वे और फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर काम शुरू कर रही है।
प्रस्तावित प्रमुख स्टेशन:
- नयागंज (कानपुर)
- उन्नाव
- बशीरपुर
- बशीरतपुरगंज
- नवाबगंज
- बंथरा
- अमौसी (लखनऊ)
अमौसी स्टेशन के जरिए यात्रियों को लखनऊ एयरपोर्ट और मेट्रो नेटवर्क से भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। दूसरे चरण में इस कॉरिडोर को बाराबंकी और अयोध्या तक बढ़ाने की योजना है।
उन्नाव बनेगा सबसे बड़ा ट्रांजिट और इंडस्ट्रियल हब
सरकार स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के तहत लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर और रायबरेली को एकीकृत विकास क्षेत्र के रूप में विकसित कर रही है। इसके तहत एक विशाल आउटर रिंग रोड बनाई जाएगी, जो इन जिलों को आपस में जोड़ेगी और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्नाव में करीब 700 एकड़ भूमि पर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर और नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा जिले को 570 करोड़ रुपये से अधिक की 101 विकास परियोजनाओं की भी सौगात दी गई है।
गंगा नदी पर बनेंगे नए पुल
कानपुर और उन्नाव के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए गंगा नदी पर अतिरिक्त पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और जाजमऊ, शुक्लागंज तथा गंगा बैराज क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकेगा।
एक्सप्रेसवे से और आसान होगा सफर
63 किलोमीटर लंबा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी लगभग तैयार हो चुका है। यह एक्सेस कंट्रोल्ड छह लेन एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ क्षेत्र को कानपुर के गंगा बैराज से जोड़ेगा।
एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर का समय 2-3 घंटे से घटकर करीब 35 से 45 मिनट रह जाने की उम्मीद है। यह परियोजना लखनऊ और कानपुर की आउटर रिंग रोड को भी आपस में जोड़ेगी।
नमो भारत ट्रेन, एक्सप्रेसवे, नए पुल और डिफेंस कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के साथ कानपुर-लखनऊ-उन्नाव बेल्ट आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा विकास और निवेश केंद्र बन सकती है।
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