Siddharthnagar News: पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के आवेदन शुरू, सिंचाई उपकरणों पर मिलेगा 90% तक अनुदान

Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में उद्यान विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) के तहत किसानों को आधुनिक सिंचाई पद्धतियों से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। कम पानी में अधिक पैदावार और खेती की लागत घटाने के उद्देश्य से विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ‘संदेशवाहक न्यूज’ से विशेष बातचीत में जिला उद्यान अधिकारी विमल कान्त ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सिद्धार्थनगर जनपद को 2000 हेक्टेयर क्षेत्र में इस आधुनिक तकनीक को लागू करने का लक्ष्य मिला है।

योजना के तहत खेतों में ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर, माइक्रो स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर और रेनगन जैसी उन्नत प्रणालियां लगाने पर किसानों को भारी-भरकम सब्सिडी (65 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक) दी जा रही है।

पानी की बचत के साथ बढ़ेगी मिट्टी की ताकत

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक को अपनाने से पारंपरिक सिंचाई के मुकाबले लगभग 70 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। जहाँ ड्रिप सिस्टम से पानी की बूंदें सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचती हैं, वहीं स्प्रिंकलर सिस्टम से फव्वारे के रूप में समान सिंचाई होती है। इससे न केवल पानी की बर्बादी रुकती है, बल्कि खेत की उपजाऊ मिट्टी का कटान भी बंद होता है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रहती है।

किस उपकरण पर कितनी मिलेगी सब्सिडी

योजना के तहत अनुदान की श्रेणियों को इस प्रकार विभाजित किया गया है। लघु एवं सीमांत किसानों को इस सिस्टम पर 90 प्रतिशत तक का बंपर अनुदान मिलेगा, जबकि बड़े व सामान्य श्रेणी के किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। लघु एवं सीमांत कृषकों को 75 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के किसानों को 65 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और पात्रता

योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक किसान विभागीय आधिकारिक पोर्टल www.upmip.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आवेदन के लिए किसानों के पास पहचान पत्र (पहचान सत्यापन के लिए), भूमि की खतौनी, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो होना अनिवार्य है। इस योजना के अंतर्गत एक किसान अधिकतम 5 हेक्टेयर तक की भूमि के लिए सब्सिडी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए भूमि स्वयं की होनी चाहिए या फिर न्यूनतम 7 वर्ष का वैध लीज एग्रीमेंट होना आवश्यक है।

रिपोर्ट- जाकिर खान

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