Bareilly News: स्मैक माफियाओं पर पुलिस का हंटर, 3 तस्करों की 68 लाख की संपत्ति फ्रीज
Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली पुलिस ने नशे के काले कारोबार से अकूत संपत्ति जमा करने वाले स्मैक माफियाओं के खिलाफ निर्णायक प्रहार किया है। थाना इज्जतनगर पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए स्मैक माफिया अकरम, जावेद और राशिद की कुल 6,800,594 रुपये (लगभग 68 लाख रुपये) की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट और पिट एनडीपीएस एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत की गई है।
इन माफियाओं की संपत्ति पर चला ‘कानूनी बुलडोजर’
पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नशे के सौदागरों की कमर तोड़ने के लिए संपत्तियों को चिन्हित किया गया था। फतेहगंज पश्चिमी निवासी अकरम की सबसे ज्यादा 61.50 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है। अकरम पर बरेली ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में भी नशे की तस्करी के गंभीर मामले दर्ज हैं। अभियुक्त जावेद की 5.57 लाख रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। अभियुक्त राशिद की 92,646 रुपये की चल-अचल संपत्ति पर पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसा है।

स्मैक फैक्ट्री का हुआ था भंडाफोड़
इस बड़ी कार्रवाई की नींव 02 जुलाई 2025 को पड़ी थी, जब पुलिस ने रेलवे आवास के पास एक पुराने खंडहर में चल रही अवैध स्मैक फैक्ट्री को पकड़ा था। उस समय पुलिस ने मौके से 3.526 किग्रा स्मैक और भारी मात्रा में केमिकल (एसीटिक एनाहाईड्राईड) बरामद किया था। स्मैक बनाने के उपकरण, गैस सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 1.46 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट कार और स्कूटी को भी जब्त किया गया था। तभी से पुलिस इन आरोपियों के आर्थिक साम्राज्य की जांच कर रही थी। जांच में पाया गया कि इन संपत्तियों को नशे की तस्करी से अर्जित अवैध धन से बनाया गया था।
पुलिस टीम की सफलता
इस जटिल विधिक कार्रवाई को अंजाम देने में प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उप-निरीक्षक जावेद अली और उप-निरीक्षक मुनेन्द्र कुमार की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने साफ कर दिया है कि जनपद में ड्रग माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है और भविष्य में भी ऐसी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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