महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमला, विपक्ष ने महिलाओं की आकांक्षाओं को कुचला

Sandesh Wahak Digital Desk: संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित न होने के बाद विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्रियों रविशंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने सदन में विधेयक का समर्थन न करने पर विपक्ष को महिला विरोधी करार दिया और इसे लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय बताया।

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की प्रेस वार्ता पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस महिलाओं पर 98 साल का ‘एहसान’ जता रही है, जबकि हकीकत यह है कि उन्होंने छह दशकों तक महिलाओं को बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा। ईरानी ने याद दिलाया कि कांग्रेस शासन में 11 करोड़ महिलाएं शौचालय और 25 करोड़ महिलाएं बैंक खातों जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस बात का जश्न मनाया कि कैसे महिलाओं को 33% आरक्षण के अधिकार से वंचित रखा गया। ईरानी ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस 2023 के बिल का समर्थन करने की बात करती है और दूसरी तरफ संवैधानिक प्रक्रिया (परिसीमन) पर अविश्वास जताती है।

पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं को इस्तेमाल करने की बात कही। क्या भारत की महिलाएं कोई वस्तु हैं? एक महिला सांसद की यह भाषा अत्यंत निंदनीय है।

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