बहुजन भाईचारा संवाद महारैली: चंद्रशेखर आजाद ने भरी हुंकार, बोले- ‘तानाशाही सोच’ वाली सरकार…
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल मैदान में रविवार को आजाद समाज पार्टी की ओर से आयोजित ‘बहुजन भाईचारा संवाद महारैली’ में भारी जनसैलाब उमड़ा। सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर आयोजित इस जनसभा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरक्षण, संविधान और बहुजन समाज के हक की लड़ाई को मौजूदा समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
“संविधान ने दिए अधिकार, कोई छीन नहीं सकता”
चंद्रशेखर आजाद ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की महत्ता पर जोर देते हुए कहा हमारे अधिकार हमें किसी सरकार की खैरात में नहीं मिले, बल्कि बाबा साहब के संविधान ने दिए हैं। संविधान वह सुरक्षा कवच है जिसे कोई भी तानाशाही ताकत नहीं छीन सकती। जब-जब बहुजन समाज एकजुट हुआ है, तब-तब बड़ी-बड़ी सत्ताओं को घुटने टेकने पड़े हैं। अब इस ‘तानाशाही सोच’ वाली सरकार के पतन का समय शुरू हो चुका है।
तिकुनिया कांड और संघर्ष की याद
रैली के दौरान चंद्रशेखर ने लखीमपुर के चर्चित तिकुनिया कांड का जिक्र कर भावनात्मक माहौल बना दिया। उन्होंने कहा “प्रशासन ने मुझे रोकने की लाख कोशिशें कीं, लेकिन मैं मोटरसाइकिल से पीड़ितों तक पहुँचा। हम अन्याय के खिलाफ खड़े रहने वाले लोग हैं, रुकने वाले नहीं। यह हमारे वोट की ही ताकत थी कि तिकुनिया कांड के जिम्मेदारों को जनता ने सत्ता के गलियारों से बाहर का रास्ता दिखाया।”
युवाओं को ‘शिक्षा और संगठन’ का मंत्र
युवाओं का आह्वान करते हुए आजाद ने कहा कि शिक्षा और संगठन ही वह रास्ता है जिससे समाज को उसका खोया हुआ मान-सम्मान वापस मिल सकता है। उन्होंने सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। रैली में उमड़ी भीड़ को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जिले के सियासी समीकरणों के बदलने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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