स्मार्ट होंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिलेगा सम्मानजनक मानदेय, सीएम योगी ने बांटे 69 हजार स्मार्टफोन

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘स्मार्ट’ बनाने और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में कई बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए। राजधानी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और अन्य आधुनिक उपकरण वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के मानदेय (Honorarium) में सम्मानजनक वृद्धि और न्यूनतम मानदेय की गारंटी देने का भी बड़ा ऐलान किया।

डिजिटल क्रांति: 69 हजार से अधिक स्मार्टफोन का ‘उपहार’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को डिजिटल सेवा केंद्रों में बदलने के अपने संकल्प को दोहराते हुए विशाल पैमाने पर उपकरणों का वितरण किया। कुल 69,794 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन सौंपे गए। इसके साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य और विकास की सही निगरानी के लिए 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 10,553 इंफॉण्टोमीटर और 58,237 वजन तौलने की मशीनें भी प्रदान की गईं।

नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए सीएम योगी ने कहा, “मैं पिछले चार साल से इस विभाग के पीछे पड़ा हूं कि हर कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन हो। आप दिन-रात मेहनत करती हैं, लेकिन समय पर डाटा अपलोड न होने की वजह से यूपी की रैंकिंग कम होती थी। अब स्मार्टफोन से हमें रियल टाइम अपडेट मिलेगा और हम रैंकिंग में भी ऊपर आएंगे।”

“शराब माफिया” के हवाले था बच्चों का पोषाहार: सीएम का तीखा हमला

2017 से पहले की सरकारों पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने कहा “2017 से पहले उत्तर प्रदेश में बच्चों के पोषाहार के वितरण का ठेका उत्तर भारत के सबसे बड़े शराब माफिया को दिया गया था। मैं भौचक था कि शराब माफिया का यहां क्या काम? पोषाहार कहीं पहुंचता था, कहीं नहीं। गुणवत्ता इतनी खराब थी कि वह खाने लायक नहीं होता था। ये वही पाप करने वाले लोग हैं जिन्होंने बच्चों के पोषाहार पर डकैती डालने का काम किया, इसी वजह से यूपी बिमारू था। उन्होंने साफ किया कि पहले चयन में पैसा चलता था, लेकिन आज पूरी ईमानदारी से नियुक्तियां हो रही हैं।

मानदेय को लेकर बड़ा ऐलान: स्मार्ट केंद्र तो मानदेय भी होगा स्मार्ट

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के चेहरे पर मुस्कान लाते हुए मुख्यमंत्री ने मानदेय में वृद्धि का स्पष्ट संकेत दिया। उन्होंने कहा “अगर स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र होगा, तो आपका मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए। मैंने विभाग को अतिशीघ्र सम्मानजनक मानदेय का प्रस्ताव आगे बढ़ाने का निर्देश दे दिया है। आपको न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलनी चाहिए।”

सीएम योगी ने कोरोना संकट के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर की गई स्क्रीनिंग की सराहना की। उन्होंने कहा, “जब बड़े-बड़े लोग पस्त थे, तब भी आप लोग डटी रहीं। इसलिए सरकार के मन में भी है कि आपको सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जाए।”

आउटसोर्स कर्मियों के शोषण पर लगाम: कॉर्पोरेशन का गठन

एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी अप्रैल से आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक कॉर्पोरेशन का गठन किया गया है। पहले आउटसोर्स कंपनियां किसी न किसी माफिया या नेता द्वारा संचालित होती थीं, जो कर्मियों का शोषण करती थीं। सरकार से 10,000-12,000 रुपये आते थे, लेकिन कर्मी को केवल 5,000-6,000 मिलते थे।

सीएम योगी ने कहा मैंने विभाग को बहुत सख्ती से कह रखा है कि हर हाल में इसे अप्रैल से लागू करें। 4-5 हजार रुपये में आज के समय में गुजारा मुमकिन नहीं है। इस कार्यक्रम ने न केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक से लैस किया है, बल्कि उनके आर्थिक और सामाजिक सम्मान को बहाल करने की दिशा में भी एक मजबूत नींव रखी है।

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