Sitapur News: लहरपुर में गरजा बुलडोजर,12 साल पुरानी मस्जिद जमींदोज

लहरपुर (सीतापुर): सोमवार की सुबह जब लहरपुर नगर सोकर उठा, तो फिजाओं में आम दिनों जैसी चहल-पहल नहीं बल्कि एक भारी खामोशी और पुलिस के जूतों की आहट थी। जोशी ताल चुंगी मुख्य मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर जाने वाली सड़क, जो अमूमन मरीजों और तीमारदारों से भरी रहती थी, आज छावनी में तब्दील हो चुकी थी। लक्ष्य था—ग्राम नयागांव बेहटी की गाटा संख्या 247 पर बनी ‘सैयद हजरत उमर फारूक मस्जिद’ पर प्रशासन का पीला पंजा।

घेराबंदी और ‘ऑपरेशन बुलडोजर’

प्रशासन ने इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया। सूरज की पहली किरण के साथ ही भारी पुलिस बल ने मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया। कस्बे के मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती कर दी गई ताकि परिंदा भी पर न मार सके। किसी भी आम नागरिक या स्थानीय व्यक्ति को मस्जिद स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी गई।

12 साल का ढांचा, चंद मिनटों में मलबे में तब्दील

गाटा संख्या 247 (रकबा 0.2430) पर स्थित इस मस्जिद का निर्माण लगभग 12 वर्ष पूर्व किया गया था। स्थानीय लोगों के लिए यह आस्था का केंद्र थी, लेकिन सरकारी कागजों में इसकी कहानी अलग थी। सोमवार सुबह जब तहसील प्रशासन का बुलडोजर गरजा, तो देखते ही देखते मस्जिद का ढांचा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

कानूनी लड़ाई और प्रशासन का पक्ष

इस कार्रवाई के पीछे एक लंबी कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया गया है। ग्राम सभा की ओर से तहसीलदार न्यायालय में इस भूमि को लेकर एक वाद दायर किया गया था। मस्जिद के मुतवल्ली ‘आलम’ को इस संबंध में पहले ही नोटिस जारी किया गया था। न्यायालय के आदेश और तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर, सोमवार को इसे अवैध अतिक्रमण मानते हुए ढहा दिया गया।

इलाके में तनावपूर्ण शांति

मस्जिद गिराए जाने के बाद पूरे लहरपुर नगर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से एहतियातन गश्त बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।

रिपोर्ट: संदीप श्रीवास्तव

 

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