दिल्ली में 2 रुपये महंगी हुई CNG, पेट्रोल 102 और डीजल 95 रुपये के पार

Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य-पूर्व (मिडिल-ईस्ट) में जारी भीषण युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगी आग के बाद अब सीएनजी के दामों में भी भारी इजाफा कर दिया गया है। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार से सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी लागू हो गई है। इस नए बदलाव के बाद अब दिल्ली में सीएनजी 81.09 रुपये के बजाय 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर मिलेगी।

11 दिनों के भीतर चौथी बार बढ़े दाम

गैस की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी देखी जा रही है। पिछले महज 11 दिनों के भीतर सीएनजी के दाम कुल 6 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो ईंधन कंपनियों ने 15 मई को 2 रुपये, 18 मई को 1 रुपये, 23 मई को 1 रुपये और अब 26 मई को फिर से 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है।

पेट्रोल-डीजल भी हुआ बेहद महंगा

इससे पहले सोमवार को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा संशोधन किया था। दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में जो पेट्रोल पहले 99.51 रुपये था, वह अब 102.12 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं, डीजल भी 92.49 रुपये से छलांग लगाकर 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब वाहन ईंधन महंगा हुआ है।

दिल्ली ही नहीं, यूपी-मुंबई में भी बढ़ीं कीमतें

ईंधन की कीमतों में आ रहे इस उबाल का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। दिल्ली से सटे एनसीआर (NCR) के शहरों जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमतें बढ़कर 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को छू चुकी हैं। इसके अलावा आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सीएनजी का भाव बढ़कर 84 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है, जिससे ऑटो-कैब चालकों समेत आम वाहन मालिकों का बजट बिगड़ गया है।

क्यों आ रही है कीमतों में इतनी तेजी

इस बेतहाशा महंगाई की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई भारी तेजी है। मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ गई है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल और गैस विदेशों से आयात करता है, इसलिए इस रूट के प्रभावित होने से देश में सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत युद्ध से पहले के 70 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है।

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