राम मंदिर में चंदा चोरी पर सतीश महाना के बयान पर कांग्रेस ने घेरा, कहा- चोरों को जेल भेजे सरकार
Lucknow News: अयोध्या के प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना का एक बेहद अजीबोगरीब बयान सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महाना के इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
हमने आस्था से दान किया, हमारा पैसा सुरक्षित है: महाना
वायरल वीडियो में यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मंदिर में हुई चोरी के सवाल पर एक बेहद हैरान करने वाला तर्क देते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, जिन लोगों का पैसा चोरी हुआ है, शायद उन्होंने पूरी सच्ची श्रद्धा और आस्था के साथ दान नहीं किया था। हमने तो पूरी आस्था से दान किया था, इसलिए हमारा पैसा सुरक्षित है और मंदिर के निर्माण में लगा है।
Those who think their donation was stolen may not have offered it with genuine devotion, so perhaps their money was stolen. Our money is invested in the temple, and the current form of the temple is proof of this: Satish Mahana, UP BJP MLA and speaker of legislative assembly on… pic.twitter.com/mMJvc3ySX0
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 14, 2026
कांग्रेस नेता दीपक सिंह का करारा पलटवार
सतीश महाना के इस अजीब बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दीपक सिंह ने कहा कि अब तो खुद विधानसभा अध्यक्ष जैसी संवैधानिक और सर्वोच्च गद्दी पर बैठे व्यक्ति ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि प्रभु श्री राम के मंदिर में चंदे की चोरी हुई है।
दीपक सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा, महाना जी भले ही सौभाग्यशाली हैं कि उनके पैसे चोरी नहीं हुए, लेकिन उनके इस बयान के बाद अब सरकार को तुरंत एक्शन लेना चाहिए। राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय समेत उन तमाम लोगों को जेल भेजा जाना चाहिए जो इस चढ़ावा चोरी में शामिल हैं और मंदिर को इन चोरों से मुक्त कराया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आगे याद दिलाया कि किसी भी राज्य में विधानसभा अध्यक्ष का पद सर्वोच्च होता है और उनका आदेश अंतिम माना जाता है। इस राज्य में विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर हाई कोर्ट के जज तक को तलब किया जा चुका है। ऐसे में क्या विधानसभा अध्यक्ष द्वारा चोरी की बात स्वीकारने के बाद भी चंदा चोर जेल नहीं जाएंगे? यह एक बड़ा सवाल है।
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