UP Politics: 11 अप्रैल को कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, ज्योतिबा फुले जयंती पर जुटेंगे देशभर के दिग्गज
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही सियासी दलों ने वोट बैंक को साधने की बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कांग्रेस ने दलित और पिछड़ा वर्ग (OBC) के बड़े वोट बैंक में सेंधमारी के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती (11 अप्रैल) को बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को लखनऊ में अखिल भारतीय कांग्रेस पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने प्रेसवार्ता कर पार्टी की आगामी आक्रामक रणनीति का खाका पेश किया।
शिक्षा और समानता का संदेश: अंबेडकर-फुले विचारधारा का मेल
अनिल जयहिंद ने कहा कि महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले ने जिस ‘सत्यशोधक समाज’ के जरिए वंचितों के लिए शिक्षा के द्वार खोले थे, कांग्रेस उसी विचारधारा को घर-घर पहुंचाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि डॉ. अंबेडकर स्वयं महात्मा फुले को अपना गुरु मानते थे। कांग्रेस इस ऐतिहासिक जुड़ाव के जरिए दलित-पिछड़ा एकजुटता का संदेश देना चाहती है।
11 अप्रैल को होगा दिग्गजों का जमावड़ा
फुले जयंती के अवसर पर कांग्रेस एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर के कई दिग्गज शामिल होंगे।
प्रमुख नेता: भूपेश बघेल, अविनाश पांडे, तेलंगाना के परिवहन मंत्री पूनम प्रभाकर, के. राजू, कमलेश्वर पटेल।
यूपी के चेहरे: प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, इमरान प्रतापगढ़ी, आराधना मिश्रा ‘मोना’ और वीरेंद्र चौधरी।
जाति जनगणना और महिला आरक्षण पर घेरा
अनिल जयहिंद ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा केवल जातियों की गिनती काफी नहीं है। कांग्रेस की मांग है कि तेलंगाना की तर्ज पर सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का भी आकलन हो। महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण न होना सामाजिक न्याय के खिलाफ है। कांग्रेस इसके लिए सड़क से संसद तक आंदोलन करेगी।
राजीव गांधी की नीतियों का हवाला
कांग्रेस ने याद दिलाया कि पंचायत स्तर पर ओबीसी को आरक्षण देकर राजनीतिक भागीदारी की शुरुआत राजीव गांधी ने की थी। अनिल जयहिंद ने स्पष्ट किया कि मिशन-2027 के लिए कांग्रेस सामाजिक न्याय और उचित प्रतिनिधित्व को ही चुनावी केंद्र बनाएगी।
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