झूठे केस में शंकराचार्य को फंसाने की साजिश? प्रयागराज POCSO कोर्ट ने आशुतोष ब्रह्मचारी पर जांच के दिए आदेश

Ashutosh Brahmachari POCSO Case: प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत ने ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) और उनके शिष्य स्वामी प्रत्यक चैतन्य मुकुंदानंद गिरि (Swami Pratyak Chaitanya Mukundanand Giri) से जुड़े मामले में जांच का दायरा बढ़ाने का आदेश दिया है।

विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने शिष्य की ओर से BNSS की धारा 175(3) के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। अदालत ने पहले से दर्ज FIR संख्या 58/2026 की जांच में आशुतोष ब्रह्मचारी (Ashutosh Brahmachari), उनके सहयोगियों, कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों और आजतक से जुड़े लोगों की भूमिका को भी शामिल करने को कहा है।

वीडियो और डिजिटल सबूतों की होगी जांच

कोर्ट ने दैनिक भास्कर में प्रसारित वीडियो इंटरव्यू की भी जांच के निर्देश दिए हैं। इसमें नाबालिग और उसके परिवार की ओर से दबाव बनाकर खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराने और शंकराचार्य से सीधे संबंध नहीं होने की बात कही गई थी।

इसके अलावा 26 फरवरी 2026 को आजतक पर प्रसारित कार्यक्रम की मूल और बिना एडिट की गई फुटेज, डिजिटल मेटाडाटा और उसे प्रसारित करने की मंजूरी देने वाले संबंधित मीडिया कर्मियों की भूमिका की जांच होगी।

अदालत ने आशुतोष ब्रह्मचारी के सोशल मीडिया पोस्ट, 10 जून के इंटरव्यू, WhatsApp चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की फोरेंसिक और तकनीकी जांच करने को भी कहा है। डिलीट किए गए डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिर्फ आरोपों की पुष्टि तक सीमित नहीं रहेगी जांच

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच केवल एक पक्ष के साक्ष्यों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ऐसे दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत भी जुटाए जाएं, जो मामले की सच्चाई सामने लाने में मदद कर सकें या आरोपों के पीछे किसी तरह की गड़बड़ी की पुष्टि करें।

अदालत ने अलग FIR दर्ज करने के बजाय मौजूदा FIR 58/2026 में ही व्यापक जांच करने का आदेश दिया है। जांच में अगर किसी तरह की साजिश, दबाव, गलत तरीके से फंसाने या दूसरे आपराधिक कृत्य के तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं, POCSO Act की धारा 22 के तहत दर्ज शिकायत संख्या 125/2026 इस जांच से प्रभावित नहीं होगी और वह अपनी स्वतंत्र प्रक्रिया के तहत आगे चलेगी।

यह जानकारी शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार (Shailendra Yogiraj Sarkar) की ओर से दी गई है।

Also Read: सहारनपुर कलेक्ट्रेट में अवैध मस्जिद का मलबा हटने पर मिला 20 फीट गहरा कुआं, ASI करेगी जांच

Get real time updates directly on you device, subscribe now.