यूपी की गंभीर वित्तीय धोखाधड़ियों की जांच से एसएफआईओ को परहेज
लखनऊ के एक बड़े समूह समेत शाइन सिटी घोटाले के मुखिया राशिद नसीम पर भी लम्बे समय से जारी है मेहरबानी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में बीते दो दशकों में हजारों करोड़ के कई बड़े घोटालों की कलंक कथा लिखी गयी है। जिसकी जांचें सीबीआई, ईडी और आयकर जैसी शीर्ष एजेंसियां कर रही हैं। लेकिन भ्रष्टाचार से जुड़े कई ऐसे मामले भी हैं, जिसे बेहद गंभीर धोखाधड़ी करार दिया जाता है। इसके बावजूद गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) प्रदेश के इन बड़े मामलों को मानो नजरअंदाज कर रहा है। सबसे पहला मामला 60 हजार करोड़ से ऊपर के शाइन सिटी घोटाले का है। जिसकी जांच एसएफआईओ के पास भी है। लेकिन ईडी की मनी लांड्रिंग जांच की तर्ज पर एसएफआईओ भी मानो खाली हाथ है।

फोरेक्स ट्रेडिंग भ्रष्टाचार की जांच लंबे समय से रफ्तार के इंतजार में
तभी जमीन घोटालों से कई गुना बड़े फोरेक्स ट्रेडिंग भ्रष्टाचार की जांच लम्बे समय से रफ्तार के इन्तजार में है। सिर्फ यही भ्रष्टाचार करीब 40 हजार करोड़ का बताया जा रहा है। इस समूह के सीईओ भगोड़े राशिद नसीम ने अब सोशल मीडिया के मंच फेसबुक के जरिये दुबई से निवेशकों को बरगलाना तेज कर दिया है। निवेशकों संग हुए इस गंभीर फ्रॉड में यूपी के कई नेता और अफसर भी पूरी तरह सम्मिलित हैं। जिनके ऊपर अभी तक कोई शिकंजा नहीं कसा गया है। बारी अब लखनऊ के एक बड़े समूह की है।

जिसने सबसे पहले कई वर्षों पहले लखनऊ के एक बैंक में कई हजार करोड़ की गड़बडिय़ों को अंजाम दिया। करोड़ों के फर्जी लोन तक बांटे। इसके बाद इसी धन से फर्जी कंपनियों और लोगों के सहारे जमीनों का बड़ा खेल करते हुए तमाम सम्पत्तियां खड़ी कर दीं। केंद्र सरकार, ईडी, सीबीआई और आयकर से कई हजार करोड़ के वित्तीय फ्रॉड की शिकायत हुई।
सरकार को हो रही वित्तीय क्षति
एजेंसियों ने जांच भी शुरू की। कुछ समय पहले आयकर विभाग ने करीब सवा सौ करोड़ से ऊपर की जमीनों को जब्त जरूर किया। उसके बाद आयकर के अफसर भी चुप्पी साधकर बैठ गए हैं। वहीं एसएफआईओ भी इस संगीन मामले में सिर्फ सोता नजर आ रहा है। पीड़ित चूंकि बेहद गरीब हैं।

इसलिए उनकी सुनवाई भी होने के आसार नहीं हैं। यह एक गंभीर धोखाधड़ी करार दी जा रही है। इसके अलावा प्रदेश भर में जीएसटी चोरी के नाम पर सरकार को कई हजार करोड़ के राजस्व की तगड़ी चपत लगाने का गैंग सक्रिय है। जिसके तार गुजरात और राजस्थान समेत कई प्रदेशों से जुड़े हैं। एसएफआईएओ चुप्पी साधे है। जबकि कई कम्पनियां इस खेल से जुड़ी हैं और सरकार को वित्तीय क्षति हो रही है।
500 करोड़ के फैशन टीवी घोटाले में भी केन्द्रीय एजेंसियां गंभीर नहीं
एक दिन पहले फैशन टीवी के नाम पर 500 करोड़ से ज्यादा का घोटाला यूपी में सामने आया है। ठगे गये तमाम पीडि़तों ने लखनऊ में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस बड़े भ्रष्टाचार को बेनकाब किया। फैशन टीवी के नाम पर 200 से अधिक कारोबारियों को निवेश के जाल में फंसाकर सैकड़ों करोड़ की वित्तीय ठगी की गयी। जिसके तार कई प्रदेशों से जुड़े हैं। लेकिन इतना बड़ा मामला सामने आने के बावजूद एसएफआईओ के साथ ईडी भी इस घोटाले की जांच के लिए कतई गंभीर नजर नहीं आ रहे है।
लखनऊ, दिल्ली और मुंबई समेत कई शहरों के निवेशक इस मामले में गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। निवेशकों को एक साल में 80 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रूपयों का निवेश कराया गया। घोटाला करीब 14 वर्षों से चल रहा था। कई वर्षों पहले अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के साथ कंपनी साझेदारी का हवाला देकर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया गया। पुलिस भी इस घोटाले में फिलहाल तेजी नहीं दिखा रही है।
क्या है एसएफआईओ
गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) का नेतृत्व निदेशक करता है। इसमें बैंकिंग, कॉर्पोरेट मामलों, कराधान, फोरेंसिक ऑडिट, पूंजी बाजार, आईटी, कानून के विशेषज्ञ शामिल होते हैं। खासतौर से कम्पनी मामलों की वित्तीय गड़बडिय़ों को जांचा जाता है।
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