50 हजार का इनामी गौ-तस्कर प्रतापगढ़ से गिरफ्तार, UP STF ने गैंग का किया खुलासा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने चंदौली पुलिस की नाक में दम करने वाले 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी नदीम को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गौ-हत्या और पशु क्रूरता के गंभीर मामलों में वांछित नदीम को एसटीएफ की टीम ने प्रतापगढ़ जनपद के कोहड़ौर क्षेत्र से दबोचा। वह पिछले दो सालों से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था।
प्रतापगढ़ के मदाफरपुर तिराहे पर बिछाया जाल
एसटीएफ मुख्यालय के पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण और निरीक्षक राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम को 17 अप्रैल की रात लगभग 8.16 रात्रि को सूचना मिली थी कि चंदौली का इनामी अपराधी नदीम प्रतापगढ़ की ओर देखा गया है। जिसके बाद उपनिरीक्षक देवेन्द्र पाल सिंह और उनकी टीम ने घेराबंदी कर मदाफरपुर तिराहे के पास से नदीम को हिरासत में लिया।
ऐसे चलता था तस्करी का काला कारोबार
गिरफ्तार अभियुक्त नदीम मुरादाबाद के इस्लाम नगर का रहने वाला है। एसटीएफ की पूछताछ में उसने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। नदीम अपने साथियों के साथ मिलकर गांवों से बड़ी संख्या में गाय और भैंसों को खरीदता या चुराता था। इन पशुओं को कंटेनर में बेरहमी से भरकर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे बिहार और पश्चिम बंगाल के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। वह अपने गिरोह के साथ मिलकर गौकशी की वारदातों को भी अंजाम देता था।
2024 के मामले में था मुख्य आरोपी
नदीम ने बताया कि 30 सितंबर 2024 को चंदौली के अलीनगर पुलिस ने एक कंटेनर बरामद किया था, जिसमें भारी मात्रा में जिंदा और मृत गौवंश मिले थे। उस समय नुसरत, शाहिद अली और लुकमान जैसे तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। चूंकि उस कंटेनर का मालिक नदीम था, इसलिए विवेचना में उसका नाम सामने आया और वह तब से फरार चल रहा था।
विधिक कार्यवाही और इनाम
नदीम की गिरफ्तारी पर वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा 50,000 रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था। एसटीएफ ने कागजी कार्यवाही पूरी कर उसे चंदौली के थाना अलीनगर में दाखिल कर दिया है, जहां स्थानीय पुलिस आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है।
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