50 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED का बड़ा ऐक्शन, इंडियन PAC कंसल्टिंग का डायरेक्टर गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA कानून के तहत दिल्ली में 50 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडियन पीएसी (PAC) कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर विनेश चंदेल को गिरफ्तार कर लिया है। विनेश पर मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये इधर-उधर करने का गंभीर आरोप है।

50 करोड़ का ‘ब्लैक टू व्हाइट’ खेल

ED की जांच यूनिट ने खुलासा किया है कि अब तक की जांच में लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को सफेद करने का मामला सामने आया है। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर यह रकम और भी बड़ी हो सकती है।

कैसे चलता था धोखाधड़ी का नेटवर्क?

जांच में कंपनी के वित्तीय लेन-देन में भारी गड़बड़ियां पाई गई हैं। कंपनी ने बिना किसी ठोस बिजनेस आधार के फर्जी बिल जारी किए और अनसिक्योर्ड लोन लिए। अवैध नकदी को ठिकाने लगाने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाला चैनलों का सहारा लिया गया ताकि पैसों के असली स्रोत को छिपाया जा सके। असली मालिक की पहचान छिपाने के लिए तीसरे पक्ष (Third Party) के जरिए ट्रांजैक्शन किए गए।

दिल्ली पुलिस की FIR से हुई शुरुआत

इस मामले की नींव दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर (FIR) से पड़ी थी। जब ईडी ने अपनी जांच शुरू की, तो विनेश चंदेल (जिनकी कंपनी में 33% हिस्सेदारी है) की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई। कानून के मुताबिक, कंपनी के वित्तीय अपराधों के लिए निदेशक की सहमति या लापरवाही को आधार मानते हुए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया है।

10 दिन की रिमांड पर विनेश चंदेल

गिरफ्तारी के बाद विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई 13 अप्रैल की रात से शुरू होकर 14 अप्रैल की सुबह तक चली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 10 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है। अब ईडी कस्टडी के दौरान पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों को बेनकाब करने की कोशिश करेगी।

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