पाकिस्तान ने फिर कराई फजीहत, अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद होटल का बिल नहीं चुका पाई शहबाज सरकार

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका-ईरान वार्ता की मध्यस्थता करके पाकिस्तान ने एकबार फिर अपनी फजीहत करा ली है। पाकिस्तान के लिए अपनी कूटनीतिक ताकत दिखाने का जो मंच तैयार किया गया था, वह उसके लिए पब्लिक रिलेशंस डिजास्टर साबित हुआ है। इस्लामाबाद के प्रतिष्ठित सेरेना होटल में अमेरिका और ईरान के बीच हुई ऐतिहासिक वार्ता के बाद, मेजबान पाकिस्तान सरकार होटल का बिल चुकाने में असमर्थ रही। यह घटना ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान पहले से ही कंगाली की कगार पर खड़ा है।

होटल मालिक को खुद करना पड़ा भुगतान

खुफिया सूत्रों और न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाइव स्टार सेरेना होटल का बकाया बिल चुकाने के लिए पाकिस्तान सरकार के पास फंड नहीं था। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आखिरकार होटल के मालिक, जो आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क से जुड़े हैं, को खुद ही इस भारी-भरकम खर्च का भुगतान करना पड़ा। कूटनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि जो देश एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान बुनियादी खर्च नहीं उठा सकता, वह वैश्विक मध्यस्थ कैसे बन सकता है।

पाकिस्तान यह जताना चाहता था कि वह अमेरिका और ईरान के बीच एक भरोसेमंद कड़ी है, लेकिन होटल बिल विवाद ने उसके सारे दावों की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े कूटनीतिक वादों और जमीनी आर्थिक सच्चाई के बीच का अंतर अब दुनिया के सामने है। पाकिस्तान फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी निगरानी और शर्तों के बीच जी रहा है। महंगाई दर 7 से 9 प्रतिशत के बीच है और विदेशी मुद्रा भंडार की हालत पतली है।

वार्ता भी रही पूरी तरह फेल

पाकिस्तान की आर्थिक बेइज्जती के साथ-साथ यह वार्ता रणनीतिक रूप से भी विफल रही। सेरेना होटल में करीब 21 घंटे तक चली बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। परमाणु कार्यक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण और प्रतिबंधों को हटाने जैसे अहम मुद्दों पर गहरा अविश्वास बना रहा। यह शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई, जिसने मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को करारा झटका दिया है।

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