Kanpur News: पूर्व सपा विधायक के गनर पर मारपीट और पैसे छीनने का आरोप, FIR दर्ज
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक हाजी इरफान सोलंकी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार का विवाद उनकी मुश्किलें काफी बढ़ा सकता है। कानपुर के चमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बकरा मंडी में इरफान सोलंकी के गनर पर स्थानीय लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट करने और पैसे छीनने का संगीन आरोप लगा है। इस घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ बाजार में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।
पीड़ित पक्ष की तहरीर और शिकायत के आधार पर चमनगंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा प्रशासनिक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि इरफान सोलंकी की पत्नी (जो वर्तमान विधायक हैं) को सरकारी स्तर पर मिले गनर पूर्व विधायक के साथ क्या कर रहे थे और विवाद के वक्त उनकी भूमिका क्या थी? फिलहाल, इस घटना को लेकर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में पूर्व विधायक के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
विधायकी गंवा चुके हैं इरफान, सितंबर 2025 से हैं जमानत पर
हाजी इरफान सोलंकी का राजनीतिक और व्यक्तिगत इतिहास विवादों से पुराना रहा है। समाजवादी पार्टी के टिकट पर साल 2012 में सीसामऊ सीट से चुनाव जीतकर वे पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद साल 2014 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों के साथ उनकी तीखी मारपीट का मामला पूरे प्रदेश में गरमाया था।
इरफान सोलंकी के राजनीतिक करियर को सबसे बड़ा झटका साल 2022 में लगा, जब एक पीड़ित महिला के घर में आगजनी करने, धमकाने और जमीन कब्जाने के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 7 साल की सख्त सजा सुनाई थी। इस सजा के ऐलान के बाद नियमानुसार उनकी विधायकी रद्द कर दी गई थी। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद पिछले साल सितंबर 2025 में ही इरफान सोलंकी को कोर्ट से जमानत मिली थी और वे बाहर आए हैं। वर्तमान में उनकी सीट (सीसामऊ) से उनकी पत्नी नसीम सोलंकी सपा की विधायक हैं।
गैंगस्टर एक्ट समेत दर्जनों मुकदमों का है इतिहास
कानपुर की राजनीति में इरफान सोलंकी की छवि एक रसूखदार और दबंग राजनेता की रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली, आगजनी, अवैध जमीन कब्जा और जानलेवा हमले जैसे कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जेल से बाहर आने के कुछ ही महीनों बाद उनके गनर द्वारा की गई इस कथित गुंडागर्दी ने उनके नाम को एक बार फिर पुलिस फाइलों में ला खड़ा किया है। हालांकि, इस पूरे मामले और बकरा मंडी के घटनाक्रम पर अभी तक पूर्व विधायक या उनके परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
चमनगंज थाना पुलिस के मुताबिक, बकरा मंडी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और मौके पर शांति कायम की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर गनर और विवाद में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जा रही है, और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

