सरोजनीनगर: बनाना था 2300 मीटर का नाला, बना सिर्फ 600 मीटर, ₹3.5 करोड़ डकार गए ठेकेदार?

Lucknow: लखनऊ के वार्ड-10 सरोजनीनगर प्रथम में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यहां एक ओर निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास अधूरा होने से रोजाना हादसे, धूल और जलभराव की समस्या बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर करीब 3.5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित नाला निर्माण भी सवालों के घेरे में आ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि 2300 मीटर लंबा नाला बनाया जाना था, लेकिन मौके पर सिर्फ करीब 600 मीटर निर्माण कर काम रोक दिया गया, जबकि बाकी राशि के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

स्थानीय लोगों का दावा है कि नाले का निर्माण वर्ष 2024 में स्वीकृत हुआ था। इस परियोजना से गोल्ड सिटी, शुभम सिटी, बजरंग सिटी, आर्यपुरम कॉलोनी, रामदास खेड़ा, श्याम वेलफेयर, निलयम कॉलोनी, कृष्ण विहार, नंदद्वार कॉलोनी, द्वारिकापुरी, शिवराम सिटी, सदरौना कॉलोनी, जयपुरिया स्कूल क्षेत्र और पंडितखेड़ा समेत कई इलाकों की जल निकासी होनी थी। लेकिन लोगों का कहना है कि सिर्फ सैनी बीर बाबा मोड़ से घई पैलेस तक लगभग 600 मीटर नाला बनाया गया, जिसमें भी करीब 300 मीटर खुला नाला और 300 मीटर पाइप लाइन डालकर काम रोक दिया गया।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जबकि परियोजना की अधिकांश राशि खर्च होने की बात कही जा रही है। लोगों का कहना है कि इस मामले की शिकायत स्थानीय विधायक, महापौर और नगर निगम के अधिकारियों से भी की गई, लेकिन अब तक निर्माण पूरा नहीं कराया गया।

अधूरा अंडरपास बना जानलेवा

रामदास खेड़ा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा अंडरपास भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। सड़क पर गड्ढे, मिट्टी के ढेर और उड़ती धूल से रोजाना दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को कई किलोमीटर घूमकर आना-जाना पड़ता है।

चोरी और बदहाल सड़कें भी बड़ी समस्या

क्षेत्र के लोगों ने बताया कि वार्ड की कई सड़कें अब भी कच्ची हैं, जिससे बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। वहीं, पिछले कुछ महीनों में चोरी की घटनाएं बढ़ने से लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस गश्त भी नियमित नहीं होती और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही।

नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) राजीव ने बताया कि नाला निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना का डिस्पोजल प्लान तैयार हो चुका है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कुछ स्थानों पर भूमि संबंधी बाधाओं के कारण काम प्रभावित हुआ है और उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

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