गौतम अडानी और सागर अडानी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत, सभी आपराधिक आरोप खारिज

Sandesh Wahak Digital Desk : भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कानूनी राहत मिली है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) ने दोनों के खिलाफ लगाए गए सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से वापस ले लिए हैं। इसके साथ ही न्यूयॉर्क में चल रहा हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है।

अमेरिकी अभियोजकों का कहना है कि आरोपों को अदालत में साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं जुटाए जा सके। कोर्ट ने इस मामले को ‘विथ प्रिज्युडिस’ के साथ खारिज किया है, यानी इस केस को भविष्य में दोबारा नहीं खोला जा सकेगा।

अधिकार क्षेत्र को लेकर उठे थे कानूनी सवाल

इससे पहले 7 अप्रैल 2026 को न्यूयॉर्क डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अडानी की कानूनी टीम ने इन आरोपों को कड़ी चुनौती दी थी। उनकी पैरवी अमेरिका की प्रतिष्ठित लॉ फर्म्स सुलिवन एंड क्रॉमवेल और नॉर्टन रोज फुलब्राइट ने की थी।

अडानी पक्ष का तर्क था कि मामला भारतीय नागरिकों और भारत में हुए कथित घटनाक्रम से जुड़ा है, ऐसे में अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों के तहत इस पर अधिकार क्षेत्र लागू नहीं होता। पूर्व एसईसी कमिश्नर लॉरा उंगर समेत कई कानूनी विशेषज्ञों ने भी विदेशी मामलों में अमेरिकी कानूनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए थे।

अडानी ग्रुप से जुड़ी अमेरिकी जांचों का भी हुआ निपटारा

इस मामले के खत्म होने के साथ ही अडानी ग्रुप से जुड़ी अन्य अमेरिकी नियामकीय और कानूनी जांचों का भी निपटारा हो गया है। पिछले सप्ताह ही यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) और ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) से जुड़े सिविल मामलों का समझौते के जरिए निपटारा किया गया था।

जानकारी के मुताबिक, गौतम और सागर अडानी ने 18 मिलियन डॉलर का भुगतान किया, जबकि ईरान प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में 275 मिलियन डॉलर का सेटलमेंट किया गया। हालांकि, इस समझौते में समूह ने किसी भी गलती को स्वीकार या खारिज नहीं किया।

DoJ द्वारा आपराधिक आरोप हटाए जाने के बाद अडानी ग्रुप के वैश्विक विस्तार की राह में खड़ी एक बड़ी कानूनी बाधा दूर हो गई है।

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