वाराणसी में फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस का एक्शन, 250 से अधिक युवकों को कराया मुक्त, 7 गिरफ्तार
Varanasi News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साइबर पुलिस और सारनाथ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 250 से अधिक युवकों को ठगों के चंगुल से मुक्त कराया गया, जबकि इस पूरे गिरोह से जुड़े 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के युवाओं को वाराणसी बुलाता था। युवाओं से रजिस्ट्रेशन के नाम पर करीब 30-30 हजार रुपये वसूले जाते थे और उन्हें नौकरी का झांसा दिया जाता था।

स्थानीय लोगों के शक के बाद खुला मामला
यह कार्रवाई सारनाथ थाना क्षेत्र के नई बाजार इलाके में की गई। साइबर पुलिस के एसीपी विदुष सक्सेना के अनुसार, स्थानीय लोगों को लंबे समय से इस जगह पर संदिग्ध गतिविधियों का संदेह था। बताया गया कि सुबह 6 से 7 बजे के बीच युवाओं को ट्रेनिंग के नाम पर बुलाया जाता था, लेकिन वे आसपास के लोगों से बातचीत नहीं करते थे और अपने काम के बारे में भी कुछ नहीं बताते थे।
स्थानीय लोगों की सूचना के बाद साइबर पुलिस और सारनाथ पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की, जिसमें फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ। पुलिस ने वहां मौजूद युवाओं को बाहर निकाला, जिन्होंने अपनी आप बीती सुनाई।
बंधक बनाकर रखा गया, सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने की मनाही
पीड़ित युवाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें नौकरी देने के नाम पर बुलाया गया था और रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 30 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद उन्हें सख्त निर्देश दिए गए कि वे किसी बाहरी व्यक्ति को नौकरी के बारे में कुछ न बताएं और सोशल मीडिया पर भी इस जगह या गतिविधियों से जुड़ी कोई जानकारी साझा न करें।
पुलिस के अनुसार, युवाओं पर मार्केटिंग के नाम पर अपने परिचितों और परिवार के अन्य लोगों को जोड़ने का दबाव भी बनाया जा रहा था। कई युवाओं ने अपने परिजनों को भी इसमें जोड़ा, जिनसे भी रजिस्ट्रेशन के नाम पर रकम वसूली गई।
आयुर्वेदिक दवा बिक्री के नाम पर चल रहा था खेल
पूछताछ में युवाओं ने बताया कि संचालकों की ओर से उन्हें आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री से जुड़ा काम बताए जाने की बात कही गई थी, लेकिन मौके पर ऐसा कोई काम नहीं हो रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के नेटवर्क और इस ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।

