गोरखपुर की शिक्षिका की हत्या कर देवरिया में फेंका शव, स्कूल मैनेजर हिरासत में
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक निजी स्कूल की शिक्षिका की हत्या कर उनका शव देवरिया में चलती कार से फेंक दिया गया। शिक्षिका का शव शनिवार शाम रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कन्हौली गांव के बाहर झाड़ियों में मिला था। कार सवार शव फेंकने के बाद फरार हो गए। रविवार शाम व्हाट्सएप ग्रुप पर शव की तस्वीर देखकर गांव के लोगों ने उनकी पहचान रानी विश्वकर्मा (27) के रूप में की।
रानी गोरखपुर के झंगहा क्षेत्र में बोहबार चौकी के अंतर्गत खुरुहरी लोहार टोला निवासी सुभाष चंद्र विश्वकर्मा की बेटी थीं। वह नई बाजार ब्रह्मपुर स्थित एक निजी एकेडमी में शिक्षिका थीं। उनके पिता ने स्कूल मैनेजर विजय निषाद पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मैनेजर को हिरासत में ले लिया है।
वेतन मिलने की बात कहकर स्कूल गई थीं रानी
परिजनों के मुताबिक, रानी शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे स्कूल के लिए निकली थीं। घर पर उन्होंने बताया था कि उस दिन उन्हें वेतन मिलना था। शाम सात बजे तक जब वह घर नहीं लौटीं तो परिवार ने उनके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला।
इसके बाद परिजनों ने स्कूल के अन्य शिक्षकों और प्रधानाचार्य से संपर्क किया। वहां से पता चला कि रानी दोपहर करीब तीन बजे स्कूल से चली गई थीं। परिवार के लोग उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
रविवार शाम करीब छह बजे व्हाट्सएप ग्रुप पर एक अज्ञात युवती के शव की तस्वीर आई। गांव के लोगों ने तस्वीर देखकर रानी को पहचान लिया और परिवार को सूचना दी। इसके बाद परिजन रामलक्षन पुलिस चौकी पहुंचे और शव की शिनाख्त की। रानी पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थीं। बेटी की मौत की खबर से मां गीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
खुली डिक्की देखकर भी पुलिस ने नहीं रोकी कार
शनिवार शाम करीब सात बजे देवरिया के रुद्रपुर क्षेत्र में कन्हौली गांव के बाहर झाड़ियों के पास एक सफेद कार से शव फेंका गया था। ग्रामीणों ने कार का करीब दो किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन चालक तेज रफ्तार से गाड़ी लेकर फरार हो गया।
बताया गया कि यह कार घटनास्थल से करीब छह किलोमीटर दूर रामलक्षन पुलिस चौकी के सामने से भी गुजरी थी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कार की डिक्की खुली देखी, लेकिन उसे रोकने की कोशिश नहीं की।
चलती कार से युवती का शव फेंके जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शनिवार रात से रविवार शाम तक शव की पहचान करने की कोशिश की। इसी बीच सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल तस्वीर के जरिए रानी की पहचान हो गई।
पिता ने स्कूल मैनेजर के खिलाफ दी तहरीर
रानी के पिता सुभाष विश्वकर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पिछले आठ साल से इसी निजी स्कूल में पढ़ा रही थीं। 31 अक्टूबर को वह घर से यह कहकर निकली थीं कि उस दिन उन्हें वेतन मिलना है, लेकिन वापस नहीं लौटीं।
परिवार के लोग उनकी तलाश कर रहे थे। एक नवंबर को देवरिया में शव फेंके जाने की जानकारी मिली तो परिजन वहां पहुंचे और रानी की पहचान की। इसके बाद पिता ने स्कूल मैनेजर विजय निषाद के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर स्कूल मैनेजर को हिरासत में लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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