युद्ध के बीच समंदर में भारत की सेफ एंट्री, होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकला सातवां भारतीय गैस टैंकर
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारतीय समुद्री व्यापार के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय तिरंगा लगा एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और खतरनाक माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से सफलतापूर्वक गुजर गया है। युद्ध शुरू होने के बाद से इस रास्ते को सुरक्षित पार करने वाला यह भारत का सातवां जहाज है।
जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ग्रीन सान्वी में लगभग 44,000 टन एलपीजी लदी है। यह मात्रा कितनी अहम है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह पूरे भारत की लगभग आधे दिन की गैस खपत के बराबर है। औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में दो और भारतीय टैंकर, ग्रीन आशा और जग विक्रम, इसी रास्ते से भारत पहुंचने वाले हैं।
ईरान की दोस्त लिस्ट में भारत
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का निकलना आसान नहीं है, क्योंकि ईरान ने इजरायल, अमेरिका और उनके सहयोगियों के जहाजों पर कड़ा पहरा बिठा रखा है। हालांकि, भारत की सक्रिय कूटनीति का असर यहां साफ दिख रहा है।
विशेष अनुमति: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे ‘मित्र देशों’ के जहाजों के लिए यह समुद्री रास्ता खुला है।
पहचान और सुरक्षा: सफर के दौरान ‘ग्रीन सान्वी’ लगातार अपनी भारतीय पहचान और नाविकों की जानकारी साझा कर रहा था, जो अब एक मानक प्रक्रिया (Standard Practice) बन चुकी है।
इस सातवें जहाज के सफल पार होने के बाद अब फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के इलाके में भारत के झंडे वाले कुल 17 जहाज मौजूद हैं। इनमें कच्चे तेल (Crude Oil) के टैंकर, एलएनजी और केमिकल टैंकर समेत कंटेनर जहाज शामिल हैं।

